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Flood Alert : 72 घंटे भारी! उफनती नदियां, डूबते गांव और थमती रफ्तार, यूपी-बिहार और असम में बारिश-बाढ़ से हाहाकार

देशभर में मानसून की सक्रियता से बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। बिहार, यूपी, असम और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में अलर्ट जारी है। गंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं, जबकि अगले 72 घंटों तक कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

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मानसूनी बारिश बाढ़ का अलर्ट (फोटो-AI)

Flood Alert : देशभर के अधिकांश राज्यों में मौसमी गतिविधियां जारी हैं। मानसून की सक्रियता और बाढ़ के कहर से जनजीवन प्रभावित है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याएं लोगों और प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 72 घंटों के दौरान उत्तर भारत से लेकर पहाड़ों और मैदानी भागों पर मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे गंगा, यमुना, गंडक समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहेगी। बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के तटीय हिस्से बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे व्यापक तौर पर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

बिहार में बाढ़ का अलर्ट

बिहार में गंगा नदी का जलस्तर पटना जिले के गांधी घाट पर गुरुवार रात और मोकामा के हथीदह में शुक्रवार दोपहर के आसपास बाढ़ के उच्चतम स्तर के निशान को पार कर सकता है। डीएमडी ने भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जिलों में गंगा तट तथा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और नदी, घाटों, तटबंधों एवं अन्य संवेदनशील क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। विभाग ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में लोग राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर या स्थानीय प्रशासन से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। आईएमडी ने राज्य के 6 जिलों अररिया, किशनगंज, गया, रोहतास, भभुआ और सिवान में भारी से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में मध्यम बारिश की चेतावनी

दिल्ली के कुछ हिस्सों में गुरुवार को हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत से 0.8 डिग्री ज्यादा है। आईएमडी ने शुक्रवार और शनिवार को आम तौर पर बादल छाए रहने और मध्यम बारिश का अनुमान लगाया है, साथ ही ’येलो अलर्ट’ भी जारी किया गया है। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता "संतोषजनक" श्रेणी में दर्ज की गई, इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 74 रहा।

असम में बाढ़ हालात खराब

असम में बाढ़ से 25 हजार से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। पश्चिम कार्बी आंगलोंग जिले में बाढ़ से एक महिला की मौत के साथ ही असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के नवीनतम आकलन के अनुसार मृतकों की संख्या 108 पहुंच गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि बाढ़ से सात जिले प्रभावित हुए हैं, जिसमें गोलपारा, शिवसागर, बिश्वनाथ, नागांव, मोरीगांव, पश्चिम कार्बी आंगलोंग और कछार शामिल हैं। बाढ़ से वर्तमान में 155 गांवों के लगभग 25,083 लोग प्रभावित हैं जबकि विस्थापित लोगों को ठहराने के लिए 13 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। बाढ़ से कृषि भूमि को भी काफी नुकसान पहुंचा है। एएसडीएमए के अनुसार, लगभग 6,477.31 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलभराव से प्रभावित हुआ है, जिससे प्रभावित जिलों में किसानों की आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम कार्बी आंगलोंग में हुई मौत के साथ ही राज्य में बाढ़ से संबंधित घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 108 हो गई है। असम के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति बनी रहने के कारण अधिकारी नदी के जलस्तर, निचले इलाकों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

फर्रुखाबाद की बाढ़ का सीएम योगी ने किया सर्वेक्षण

उत्तर प्रदेश के नदियों के तट पर बसे गांव और शहर बाढ़ से प्रभावित हैं। चित्रकूट में आई भीषण बाढ़ से जनजीवन अस्त व्यस्त है। इधर, फर्रुखाबाद की बाढ़ प्रभावित सदर, कायमगंज व अमृतपुर तहसीलों में बाढ़ के हालात बने हुए है। मुख्यमंत्री ने हवाई सर्वेक्षण किया। सीएम ने कहा कि प्रशासन ड्रेजिंग का कार्य शुरू करने की तैयारी करें। बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए किसानों का सहयोग मांगते हुए सीएम ने कहा कि इसमें यदि आपकी जमीन आएगी तो उचित मुआवजा मिलेगा। हम फर्रुखाबाद को बाढ़ से मुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे। उन्होंने बाढ़ से फसल को हुए नुकसान का सर्वे करने का निर्देश दिया और कहा कि यह रिपोर्ट आते ही किसान के खाते में डीबीटी के माध्यम से सहायता धनराशि भेज दी जाएगी।

वाराणसी में बाढ़ का पीएम ने लिया जायजा

वाराणसी में बाढ़ की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों को कम से कम परेशानी हो, यह सुनिश्चित किया जाए। प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में मिल रही सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों को तत्काल हर जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अतिरिक्त राहत सामग्री की जरूरत होने पर तत्काल व्यवस्था करने को कहा है। पीएम ने बाढ़ और राहत कार्यों पर लगातार नजर रखते हुए युद्धस्तर पर राहत पहुंचाने के निर्देश दिए। गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान से ऊपर चला गया था। जिला प्रशासन ने नावों का संचालन रोक दिया और बाढ़ प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया, जो 70.26 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से निचले इलाकों और घाटों के पास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। वाराणसी में गंगा का खतरे का स्तर 71.26 मीटर तय किया गया है, जबकि अब तक का सबसे ज्यादा बाढ़ का स्तर 73.90 मीटर दर्ज किया गया है।

मुर्शिदाबाद में भूस्खलन

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के फरक्का में गुरुवार को रेलवे लाइन पर भूस्खलन हुआ, जिसके बाद दार्जिलिंग मेल और कंचनकन्या एक्सप्रेस सहित उत्तर की ओर जाने वाली कई ट्रेनें बीच रास्ते में ही रोक दी गईं। मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने के कारण लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बीरभूम और मुर्शिदाबाद जिलों में भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण बंगाल में शुक्रवार से स्थिति में कुछ सुधार हो सकता है। हालांकि, छिटपुट बादलों के कारण बारिश जारी रहेगी। सोमवार से दक्षिणी जिलों में गरज के साथ बारिश फिर से बढ़ सकती है। कोलकाता, उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नादिया, पूर्वी बर्दवान और बीरभूम जिलों में भारी वर्षा की संभावना है। कुछ स्थानों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है, जबकि चेतावनी अवधि के दौरान कुछ क्षेत्रों में लगातार गरज के साथ बारिश हो सकती है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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