Radha Naam Jaap Benefits: वृंदावन के परम पूज्य संत श्री प्रेमानंद जी महाराज अक्सर कहते हैं कि राधा नाम से बड़ा कोई धन नहीं है। जिसके पास राधा नाम है, उसके पास सब कुछ है। महाराज जी बताते हैं कि राधारानी के ये 32 विशेष नाम जब सच्चे मन से जपे जाते हैं तो साधक का पूरा भाग्य बदल जाता है। गरीब से गरीब व्यक्ति भी धन-वैभव, सम्मान, सुख-शांति और श्रीकृष्ण का प्रेम पा लेता है। ये नाम साक्षात राधा-कृपा के खुले दरवाजे हैं। एक बार इनका जप शुरू किया तो जीवन में कभी अंधेरा नहीं रहता है। आइए जानते हैं कि राधारानी के 32 नाम कौन से हैं और इनका जाप कैसे करें?
राधारानी के 32 दिव्य और चमत्कारी नाम
ये नाम शास्त्रों और संत-परंपरा में सबसे ऊंचे माने गए हैं। हर नाम के पीछे राधारानी का एक अलग रूप और एक अलग लीला छिपी है। आइए जानते हैं कि राधा रानी के 32 नाम कौन से हैं।
- राधा
- वृषभानुनन्दिनी
- वृषभानुसुता
- वृषभानुकुमारी
- वृषभानुपुत्री
- कृपा-मूर्ति
- कृपामयी
- कृष्णप्रिया
- कृष्णवल्लभा
- कृष्णवामा
- कृष्णसमन्विता
- कृष्णेश्वरी
- कृष्णसखी
- माधवी
- माधवानन्दप्रदा
- माधवेश्वरी
- माधवरमणा
- माधवाराधिता
- माधववल्लभा
- गोपिका
- गोपीवल्लभा
- वृन्दावनेश्वरी
- वृन्दारकवन्दिता
- वृन्दावनवासिनी
- वृन्दावनललिता
- रसिकेश्वरी
- रसप्रदा
- रसिकप्रिया
- रासेश्वरी
- रासमण्डलमध्यस्था
- रासक्रीडाप्रियंवदा
- सर्वमंगलदायिनी
नामों के जाप से मिलता है अद्भुत लाभ
जो व्यक्ति इन नामों का नियमित जप करता है, उसके जीवन में एक के बाद एक चमत्कार होने लगते हैं। घर में लक्ष्मी जी स्वयं निवास करने लगती हैं, कर्ज के बोझ हल्के होने लगते हैं, रुके हुए काम अपने आप बनने लगते हैं। दांपत्य जीवन में प्रेम और मधुरता लौट आती है, नौकरी-व्यापार में अपार सफलता मिलती है, संतान सुख की कमी दूर हो जाती है। सबसे बड़ी बात है कि हृदय में श्रीकृष्ण के प्रति ऐसा प्रेम जागता है कि सारा संसार मधुर लगने लगता है। संतों का स्पष्ट वचन है कि राधा रानी के नाम जप से रंक भी राजा बन जाता है।
कैसे और कब करें इन नामों का जाप?
इन नामों का जप करने का तरीका बहुत आसान है। इसके लिए आप तुलसी या चंदन की माला लें। सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। राधारानी की छोटी-सी फोटो या मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं। ‘श्री राधे-राधे’ बोलते हुए एक-एक नाम लें। एक माला में 108 बार जप पूरा करें या 32 नामों को तीन बार दोहराएं और बाकी ‘श्री राधे’ बोलें। जप खत्म होने के बाद राधारानी को मिश्री, माखन-मिश्री या कोई सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यह उपाय राधा अष्टमी, शरद पूर्णिमा, जन्माष्टमी या किसी भी बुधवार-शुक्रवार से शुरू करें। इस उपाय को सिर्फ 40 दिन लगातार करने मात्र से जीवन से कर्ज उतरने लगेंगे, घर में बरकत आएगी। मन में अपार शांति छा जाएगी और आंखों में राधा-कृष्ण के दर्शन होने लगेंगे।
प्रेमानंद जी महाराज जी भी कहते हैं ये बात
परम पूज्य संत श्रीप्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि दिन-रात राधा नाम का जाप करना चाहिए। ये नाम बेहद ही शक्तिशाली है। राधा रानी की कृपा से सब सुख-वैभव मिलता है। यह भगवत प्राप्ति का सबसे आसान तरीका है।
