अध्यात्म

Pushya Nakshatra January 2025: जनवरी में पुष्य नक्षत्र कब पड़ रहा है नोट कर लें सही तारीख

Pushya Nakshatra January 2025: ज्योतिष शास्त्र में पुष्य नक्षत्र को बेहद शुभ और कल्याणकारी माना जाता है। ये नक्षत्र शुभ और मांगलिक कार्यों को करने के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। जानिए जनवरी में पुष्य नक्षत्र कब पड़ रहा है।

Image

Pushya Nakshatra January 2025

Pushya Nakshatra January 2025: ज्योतिष शास्त्र अनुसार वैसे तो हर कार्य को करने के लिए अलग-अलग मुहूर्त होते हैं। लेकिन कुछ मुहूर्त ऐसे होते हैं जो हर काम को करने के लिए विशेष होते हैं। इन्हीं में से एक होता है पुष्य नक्षत्र। जिसे खरीददारी, नया कार्य आरंभ करने से लेकर अन्य कार्यों के लिए भी शुभ माना जाता है और जब ये नक्षत्र सोमवार, गुरुवार या रविवार में आता है तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। चलिए जानते हैं जनवरी में पुष्य नक्षत्र कब पड़ रहा है।

पुष्य नक्षत्र जनवरी 2025 (Pushya Nakshatra In January 2025)

जनवरी में पुष्य नक्षत्र 14 तारीख को पड़ रहा है। जिसकी शुरुआत 14 जनवरी की सुबह 10 बजकर 17 मिनट से होगी और समाप्ति 15 जनवरी की सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर होगी।

पुष्य नक्षत्र इन कार्यों के लिए है शुभ

  • ये नक्षत्र नये काम की शुरुआत करने के लिए शुभ माना जाता है।
  • यात्रा आरंभ करने के लिए शुभ होता है।
  • विद्या ग्रह करने या किसी शिक्षण संस्थान में प्रवेश के लिए शुभ होता है।
  • गुरु के मंत्र पाने के लिए भी ये नक्षत्र शुभ है।
  • धार्मिक अनुष्ठानों के लिए भी ये योग श्रेष्ठ माना जाता है।

पुष्य नक्षत्र कब होता है अशुभ

शुक्रवार के दिन पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र अशुभ माना जाता है। कहते हैं शुक्रवार के पुष्य नक्षत्र में कोई भी कार्य करने से अशुभ फल की प्राप्ति होती है। इसलिए इसे त्याग देना ही उचित होता है। इसी के साथ बुधवार को पड़ने वाला पुष्य नक्षत्र भी कार्यों में असफलता देता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

और पढ़ें
End of Article