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Pradosh Vrat July 2023: जुलाई में प्रदोष व्रत कब है? जानिए त्रयोदशी व्रत की डेट और महत्व

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jun 30, 2023, 07:25 AM IST

Pradosh Vrat July 2023: हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर रखे जाने वाले व्रत को ही प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है। जानिए जुलाई का पहला प्रदोष व्रत (July First Pradosh Vrat 2023) कब रखा जाएगा।

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Pradosh Vrat July 2023: जुलाई में प्रदोष व्रत कब पड़ेगा

Shani Pradosh Vrat July 2023: प्रदोष व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। पुराणों के अनुसार जो व्यक्ति ये व्रत करता है उसे अच्छे स्वास्थ्य और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान शिव का आशीर्वाद मिलता है। ये व्रत महीने में दो बार आता है। जुलाई में भी दो प्रदोष व्रत पड़ेंगे। जुलाई का पहला प्रदोष व्रत 1 तारीख को शनिवार के दिन पड़ेगा। जब प्रदोष व्रत शनिवार को पड़ता है तो उसे शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। संतान प्राप्ति के लिए ये व्रत सर्वोत्तम माना जाता है। जानिए शनि प्रदोष व्रत का महत्व, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

प्रदोष व्रत जुलाई 2023 (Pradosh Vrat July 2023)

जुलाई का पहला प्रदोष व्रत 1 तारीख को पड़ेगा। प्रदोष व्रत की त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 1 जुलाई में 01:16 AM से होगी और इसकी समाप्ति 11:07 PM पर होगी। प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 07 बजकर 23 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।

प्रदोष व्रत का महत्व (Pradosh Vrat Significance)

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से ये व्रत रखते हुए भगवान शिव की अराधना करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। पुराणों के अनुसार एक प्रदोष व्रत को करने का फल दो गायों के दान के बराबर मिलता है। कहते हैं सबसे पहले इस व्रत के बारे में भगवान शिव ने माता सती को बताया था। इस व्रत की पूजा संध्या काल में यानी प्रदोष काल में की जाती है।

शनिवार प्रदोष व्रत के फायदे (Shani Pradosh Vrat Ke Fayde)

जुलाई का पहला प्रदोष व्रत 1 जुलाई को यानी शनिवार के दिन पड़ रहा है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत कहते हैं। शनिवार प्रदोष व्रत संतान प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इसके अलावा नौकरी में सफलता पाने के लिए भी ये व्रत फलदायी माना गया है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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