अध्यात्म

रूठे पितरों को मनाने पितृपक्ष में करें ये 4 असरदार उपाय, भरपूर मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद

Pitru Paksha Puja Remedies : हिंदू धार्मिक परंपरा में पितृपक्ष का अपना एक खास महत्व होता है। इसलिए इन दिनों को काफी अहम माना गया है। साल में 15 दिन का ये विशेष समय होता है, जो इस साल 7 सितंबर रविवार के दिन से शुरु हो रहा है। इन दिनों में हम अपने पूर्वजों को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पण करते हैं। आइए जानते हैं पितृपक्ष में करने वाले 4 उपाय जो आपके पूर्वजों को खुश कर सकते हैं।

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Pitru Paksha Puja Remedies (Photo - iStock)

Pitru Paksha Puja Remedies : हिंदू धर्म में पितृपक्ष का खास महत्व माना गया है। यह 15 दिन का वह पावन समय है जब हम अपने दिवंगत पूर्वजों को याद करके उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। इस साल पितृपक्ष का समय 7 सितंबर रविवार के दिन से शुरु हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं की मानें तो पितृ पक्ष में किए गए पुण्य कर्म, तर्पण और दान से हमारे पूर्वज प्रसन्न होते हैं और हमें भरपूर आशीर्वाद देते हैं। वहीं जिनके पूर्वज किसी कारण नाराज भी हैं, तो इन दिनों में कुछ खास उपाय करने से वह परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और संतानों की उन्नति में मदद करते हैं। पितरों का आशीर्वाद सहज ही प्राप्त करने के लिए हिंदू धर्म शास्त्रों में पितृपक्ष के दौरान करने के कुछ विशेष उपाय बताए हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में...

तर्पण और पिंडदान

पितृपक्ष में तर्पण और पिंडदान का अपना विशेष महत्व है। इन दिनों में गंगा जल, तिल, जौ और दूध के साथ तर्पण करने से पितर (पूर्वज) संतुष्ट होते हैं। इसके अलावा गया, हरिद्वार और प्रयागराज में पिंडदान करना पितृ पक्ष में काफी शुभ माना जाता है। इससे आपके पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वह तृप्त होते हैं।

ब्राह्मणों को भोजन कराएं

पितरों की तृप्ति के लिए ब्राह्मण और जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना बहुत पुण्यकारी माना गया है। ब्राह्मणों के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना भी पितृपक्ष में बहुत पुण्यकारी होता है। इन दिनों में खीर, पूड़ी, सब्जी और मौसमी फल ब्राह्मण और गरीबों को खिलाएं।

पूर्वजों के नाम से दान करें

सनातन धर्म में दान को सबसे बड़ा धर्म माना गया है। पितृपक्ष में पूर्वजों के नाम से किया गया दान उनके खाते में जुड़ता है। जिससे उनके अधूरे कामों से उन्हें मुक्ति मिलती है। इन दिनों में जरूरतमंदों को भोजन, कपड़े, तिल, चावल, गुड़ और सोना दान करना शुभ माना जाता है।

धार्मिक पाठ कराएं

पितृपक्ष में धार्मिक आयोजन कराना भी काफी फायदेमंद माना गया है। अपने पूर्वजों का आशीर्वाद पाने के लिए आप 'पितृ सूक्त' का पाठ करा सकते हैं। इसके अलावा आप इन दिनों में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भी करा सकते हैं। मान्यता है कि इससे आपके भटकते हुए पूर्वजों को मुक्ति मिलती है।

gulshan kumar
गुलशन कुमारauthor

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लोगों की जीवनशैली, सेहत और वेलनेस से जुड़े विषयों पर लगातार काम कर रहे हैं। गुलशन अबतक 2,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। उनके लेखों में आसान भाषा में दी गई जानकारी, रिसर्च-बेस्ड टिप्स और रोजमर्रा की सेहत से जुड़े विषयों की स्पष्ट समझ दिखाई देती है। हेल्थ अवेयरनेस को बढ़ावा देना, फिटनेस को सरल तरीके से समझाना और बेहतर लाइफस्टाइल के लिए उपयोगी सुझाव देना—गुलशन की लेखन शैली की खासियत है।

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