Kalawa Kaun Sa Shubh Hota hai: हमारे यहां पूजा-पाठ, मंदिर या किसी शुभ काम में हाथ पर कलावा बांधने की परंपरा बहुत पुरानी है। कई लोग इसे सिर्फ एक धागा समझते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं में इसका खास महत्व बताया गया है। किसी के हाथ में लाल कलावा दिखता है, तो कोई पीला धागा बांधता है। वहीं कुछ लोग काला धागा पहनना ज्यादा शुभ मानते हैं। ऐसे में आम लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर कौन सा कलावा सबसे अच्छा माना जाता है और किस रंग का धागा किस्मत से जुड़ा होता है। हर रंग के कलावे को अलग वजह से पहना जाता है। आइए आसान और सीधी भाषा में समझते हैं कि लाल, पीला और काला कलावा किसलिए बांधा जाता है।
लाल कलावा क्यों बांधा जाता है
लाल कलावा सबसे ज्यादा पूजा-पाठ में इस्तेमाल किया जाता है। माना जाता है कि लाल रंग शुभता और अच्छी ऊर्जा का निशान होता है। मंदिर में पूजा कराने के बाद पंडित ज्यादातर लाल कलावा ही बांधते हैं। लोगों का विश्वास है कि इसे पहनने से मन में अच्छा सोचने की भावना बनी रहती है और घर में सुख-शांति आती है।
पीला कलावा किसलिए पहना जाता है
पीले रंग को भगवान विष्णु और गुरु से जोड़कर देखा जाता है। बहुत से लोग मानते हैं कि पीला कलावा पहनने से किस्मत मजबूत होती है और कामों में रुकावट कम आती है। खासकर गुरुवार के दिन लोग पीला धागा बांधना शुभ मानते हैं। पढ़ाई और नौकरी करने वाले लोग भी इसे अच्छा मानते हैं।
काला कलावा क्यों पहनते हैं लोग
काला धागा या काला कलावा ज्यादातर बुरी नजर से बचने के लिए पहना जाता है। छोटे बच्चों के हाथ या पैर में भी काला धागा बांधा जाता है। लोगों का मानना है कि इससे नकारात्मक चीजें दूर रहती हैं। कई लोग इसे सुरक्षा और बचाव का प्रतीक भी मानते हैं।
किस हाथ में बांधना माना जाता है सही
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पुरुषों और कुंवारी लड़कियों को दाएं हाथ में कलावा बांधना शुभ माना जाता है। वहीं शादीशुदा महिलाएं बाएं हाथ में कलावा बांधती हैं। हालांकि आजकल कई लोग अपनी सुविधा और विश्वास के हिसाब से भी इसे पहनते हैं।
आखिर सबसे शुभ कौन सा कलावा माना जाता है
अगर मान्यताओं की बात करें तो लाल कलावा सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है क्योंकि इसका इस्तेमाल हर पूजा और शुभ काम में होता है। पीला कलावा भाग्य और तरक्की से जोड़ा जाता है, जबकि काला कलावा बुरी नजर से बचाव के लिए पहना जाता है। यानी हर रंग का अपना अलग महत्व है।
कलावा सिर्फ हाथ में बांधा जाने वाला धागा नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा होता है। कोई लाल कलावा पहनता है, कोई पीला तो कोई काला। हर रंग को अलग वजह से शुभ माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि इसे अच्छे मन और विश्वास के साथ पहना जाए।
