अध्यात्म

Ravi Pradosh Vrat Katha 2026 : इस कथा के बिना अधूरा है प्रदोष व्रत, यहां पढ़ें प्रदोष व्रत की पूरी कथा

Ravi Pradosh Vrat Katha 2026 : आज रवि प्रदोष व्रत की पूजा शाम प्रदोष काल में होगी। इस दौरान पूजा के साथ ही प्रदोष व्रत कथा अवश्य पढ़नी या सुननी चाहिए। आइए जानते हैं कि यह कथा क्या है।

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रवि प्रदोष व्रत कथा

Ravi Pradosh Vrat Katha 2026 : आज 26 जुलाई 2026, रविवार के दिन आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। रविवार का दिन होने के कारण आज का यह व्रत 'रवि प्रदोष व्रत' है। आज की शाम (प्रदोष काल) में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का विशेष विधान है। शास्त्रों में माना गया है कि व्रत की पूजा के साथ-साथ यदि रवि प्रदोष व्रत की पौराणिक कथा को श्रद्धापूर्वक सुना या पढ़ा जाए, तो जीवन के बड़े से बड़े संकट, दरिद्रता और अज्ञात भय पल भर में समाप्त हो जाते हैं।

रवि प्रदोष व्रत कथा

रवि प्रदोष व्रत की पावन कथा का उल्लेख पुराणों में मिलता है। एक समय गंगा नदी के पवित्र तट पर महर्षि शौनकादि चौरासी हजार ऋषियों का एक विशाल सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सभा में महर्षि व्यास के परम शिष्य पुराणवेत्ता सूतजी महाराज हरि कीर्तन करते हुए पधारे। सूतजी को आते देख सभी ऋषियों ने उन्हें आदरपूर्वक दंडवत प्रणाम किया, तब ऋषियों ने मानव कल्याण के लिए पूछा कि हे महामते, ऐसा कौन सा व्रत है जो शीघ्र फल देने वाला और समस्त दुखों का निवारण करने वाला है? ऋषियों की भक्ति देखकर सूतजी महाराज ने उन्हें रवि प्रदोष व्रत की यह प्राचीन कथा सुनानी आरंभ की।

गंगा स्नान करने घर से निकला बालक

कथा के अनुसार, एक गांव में एक अत्यंत गरीब ब्राह्मण परिवार रहता था। उस ब्राह्मण की पत्नी भगवान शिव की अनन्य भक्त थी और नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखा करती थी। उनका एक ही पुत्र था। एक बार वह बालक गंगा स्नान करने के लिए घर से निकला। दुर्भाग्यवश मार्ग में कुछ चोरों ने उसे घेर लिया। चोरों ने बालक को डराते हुए कहा कि वे उसे मार देंगे यदि उसने अपने पिता के गुप्त धन के बारे में नहीं बताया।

बालक ने अत्यंत सरलता से कहा कि वे बहुत दुखी और निर्धन हैं, उनके पास कोई गुप्त धन नहीं है। जब चोरों ने उसकी पोटली के बारे में पूछा, तो उसने बिना झिझक कहा कि इसमें उसकी मां की दी हुई बासी रोटियां हैं। बालक की निष्कपटता और सत्यनिष्ठा देखकर चोरों का हृदय पिघल गया और उन्होंने उसे छोड़ दिया।

निर्दोष बालक को बना लिया बंदी

आगे चलकर वह बालक एक नगर के पास पहुंचे बरगद के वृक्ष की छांव में सो गया। उसी समय नगर के रक्षक चोरों की तलाश में वहां पहुंचे। उन्होंने बालक को अकेला सोता देख चोर समझ लिया और राजा के सामने पेश कर दिया। राजा ने बिना जांच-पड़ताल किए बालक को कारावास में डालने का आदेश दे दिया। उधर जब बालक घर नहीं लौटा, तो उसकी मां अत्यंत चिंतित हो उठी। उस दिन प्रदोष व्रत था, ब्राह्मणी ने नियमपूर्वक व्रत रखा और शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव के सामने बैठकर अश्रुपूरित नेत्रों से अपने पुत्र की रक्षा के लिए कातर प्रार्थना की।

भगवान शिव ने दिया राजा को स्वप्न

अनाथों के नाथ भगवान भोलेनाथ ने अपनी भक्त ब्राह्मणी की पुकार सुन ली। उसी रात भगवान शिव ने उस राज्य के राजा को स्वप्न में दर्शन दिए और चेतावनी दी कि जिस बालक को उसने बंदी बनाया है, वह पूर्णतः निर्दोष है। यदि राजा ने सूर्योदय होते ही उस बालक को मुक्त नहीं किया, तो उसका संपूर्ण साम्राज्य और वैभव नष्ट हो जाएगा। प्रातः काल होते ही राजा ने भयभीत होकर बालक को तुरंत कारागार से छुड़वाया और राजदरबार में बुलाया। बालक ने राजा को अपनी गरीबी और पूरी यात्रा की सच्चाई बताई।

शिव कृपा से हुआ दरिद्रता का नाश

बालक की बात सुनकर राजा को अपनी भूल पर बहुत पश्चाताप हुआ। राजा ने सिपाहियों को भेजकर बालक के माता-पिता को सम्मानपूर्वक राजदरबार में बुलवाया। राजा ने ब्राह्मण परिवार का भय दूर किया और उनकी दरिद्रता मिटाने के लिए उन्हें पांच समृद्ध गांव दान में दिए।

भगवान शिव की कृपा और रवि प्रदोष व्रत के प्रभाव से वह निर्धन परिवार हमेशा के लिए सुखी और संपन्न हो गया। इसी प्रकार, जो भी भक्त आज 26 जुलाई के इस पावन रवि प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का पूजन करता है और इस कथा को सुनता है, उसके जीवन से रोग, शोक, भय और आर्थिक तंगी सदा के लिए दूर हो जाती है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी पुराणों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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