अध्यात्म

हर सुहागन और कुंवारी कन्या को पता होनी चाहिए ये बात, माता पार्वती की पूजा में ये चीजें चढ़ाने से मिलता है विशेष आशीर्वाद

Parvati Jayanti 2026: क्या आपको पता है पार्वती जयंती पर माता पार्वती की पूजा में कौन-कौन सी चीजें अर्पित करनी चाहिए? जानिए सुहागन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं के लिए पार्वती पूजन का महत्व, पूजा में चढ़ाई जाने वाली शुभ सामग्री और उनका धार्मिक अर्थ।

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माता पार्वती की पूजा की सामग्री लिस्ट

Parvati Jayanti: सनातन धर्म में माता पार्वती को प्रेम, सौभाग्य, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की देवी माना जाता है। इसलिए सुहागन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और घर-परिवार की सुख-समृद्धि के लिए माता पार्वती की पूजा करती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे और योग्य जीवनसाथी की कामना से उनका पूजन करती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा तभी पूर्ण मानी जाती है जब उसमें श्रद्धा के साथ कुछ शुभ चीजें भी अर्पित की जाएं। इन वस्तुओं का अपना धार्मिक महत्व होता है और इन्हें माता पार्वती की कृपा पाने का प्रतीक माना जाता है। आइए जानते हैं कि पूजा के दौरान किन चीजों को चढ़ाना शुभ माना जाता है और उनका क्या महत्व है।

माता पार्वती की पूजा में चढ़ाई जाने वाली शुभ सामग्री लिस्ट - Mata parvati puja samagri list

  • लाल चुनरी
  • सिंदूर
  • चूड़ियां
  • बिंदी
  • कुमकुम (रोली)
  • ताजे लाल या सफेद फूल
  • बेलपत्र (यदि भगवान शिव की भी पूजा की जा रही हो)
  • मौसमी फल
  • नारियल
  • मिठाई (घर की बनी या शुद्ध)
  • हल्दी
  • अक्षत (साबुत चावल)
  • पान के पत्ते
  • सुपारी

वैकल्पिक सामग्री (कई परंपराओं में उपयोग की जाती है):

  • धूप
  • दीपक (घी या तेल का)
  • रुई की बाती
  • गंगाजल या शुद्ध जल
  • लाल वस्त्र
  • मौली (कलावा)
  • चंदन
  • कपूर
  • इत्र (सुगंध)
  • पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और चीनी से बना)
  • कलश
  • पूजा की थाली

ध्यान दें: अलग-अलग राज्यों और परिवारों की परंपराओं के अनुसार पूजा सामग्री में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है। ऊपर दी गई सूची सामान्य रूप से माता पार्वती की पूजा में उपयोग की जाने वाली सामग्री पर आधारित है।

लाल चुनरी और सुहाग का सामान जरूर चढ़ाएं

माता पार्वती को लाल रंग बहुत प्रिय माना जाता है। इसलिए पूजा में लाल चुनरी अर्पित करना शुभ माना जाता है। इसके साथ सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, कुमकुम और अन्य सुहाग का सामान भी चढ़ाया जाता है। मान्यता है कि इससे सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। वहीं कुंवारी कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की कामना के साथ यह सामग्री अर्पित करती हैं।

फूल और बेलपत्र से करें पूजा

पूजा में ताजे और सुगंध वाले फूल चढ़ाना शुभ माना गया है। लाल और सफेद रंग के फूल अधिक पसंद किए जाते हैं। अगर माता पार्वती के साथ भगवान शिव की भी पूजा की जा रही हो तो बेलपत्र भी अर्पित किए जा सकते हैं। ध्यान रखें कि पूजा में हमेशा साफ और ताजे फूलों का ही इस्तेमाल करें, क्योंकि इसे श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

फल, नारियल और मिठाई का भोग लगाएं

माता पार्वती को फल, नारियल और मिठाई का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। नारियल को पवित्रता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। वहीं फल और मिठाई भगवान के प्रति प्रेम और आभार व्यक्त करने का माध्यम माने जाते हैं। पूजा के बाद इस प्रसाद को परिवार के लोगों में बांटना भी शुभ माना जाता है।

हल्दी, अक्षत और पान-सुपारी का भी है महत्व

पूजा की थाली में हल्दी, अक्षत यानी साबुत चावल, पान और सुपारी रखना भी शुभ माना जाता है। हल्दी को मंगल और शुभ कार्यों का प्रतीक माना जाता है, जबकि अक्षत को पूर्णता और समृद्धि का संकेत माना जाता है। यही वजह है कि लगभग हर शुभ पूजा में इन चीजों का इस्तेमाल किया जाता है।

सबसे बड़ी पूजा है सच्ची श्रद्धा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती को केवल पूजा की सामग्री नहीं, बल्कि भक्त का सच्चा मन और श्रद्धा सबसे ज्यादा प्रिय होती है। इसलिए पूजा करते समय मन शांत रखें, ईमानदारी से प्रार्थना करें और अच्छे कर्म करने का संकल्प लें। माना जाता है कि सच्चे भाव से की गई पूजा का फल जरूर मिलता है और माता पार्वती अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं।

नोट: यह जानकारी हिंदू धर्म की पारंपरिक मान्यताओं और पूजा-पद्धतियों पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि और सामग्री में थोड़ा अंतर हो सकता है।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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