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Parshuram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: ओउम जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी...यहां देखें परशुराम भगवान की आरती

Parshuram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: ॐ जय परशुधारी भगवान परशुराम की सबसे प्रसिद्ध आरती में से एक है। कहते हैं जो व्यक्ति सच्चे मन से ये आरती करता है उसे यश की प्राप्ति होती है।

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Parshuram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi

Parshuram Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार भगवान परशुराम साहस का प्रतीक माने जाते हैं। कहते हैं जो भी भक्त परशुराम जयंती के दिन इनकी सच्चे मन से पूजा अर्चना करता है उसके साहस में वृद्धि होती है। इतना ही नहीं इनकी आरती का भी विशेष महत्व माना गया है। भगवान परशुराम जी की आरती करने से भय से मुक्ति मिलती है। साथ ही इंसान तेजस्वी बनता है। यहां देखें भगवान परशुराम की आरती।

परशुराम जी की आरती (Parshuram Ji Aarti)

ओउम जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी।

सुर नर मुनिजन सेवत, श्रीपति अवतारी।। ओउम जय।।

जमदग्नी सुत नरसिंह, मां रेणुका जाया।

मार्तण्ड भृगु वंशज, त्रिभुवन यश छाया।। ओउम जय।।

कांधे सूत्र जनेऊ, गल रुद्राक्ष माला।

चरण खड़ाऊँ शोभे, तिलक त्रिपुण्ड भाला।। ओउम जय।।

ताम्र श्याम घन केशा, शीश जटा बांधी।

सुजन हेतु ऋतु मधुमय, दुष्ट दलन आंधी।। ओउम जय।।

मुख रवि तेज विराजत, रक्त वर्ण नैना।

दीन-हीन गो विप्रन, रक्षक दिन रैना।। ओउम जय।।

कर शोभित बर परशु, निगमागम ज्ञाता।

कंध चार-शर वैष्णव, ब्राह्मण कुल त्राता।। ओउम जय।।

माता पिता तुम स्वामी, मीत सखा मेरे।

मेरी बिरत संभारो, द्वार पड़ा मैं तेरे।। ओउम जय।।

अजर-अमर श्री परशुराम की, आरती जो गावे।

पूर्णेन्दु शिव साखि, सुख सम्पति पावे।। ओउम जय।।

परशुराम भगवान की आरती के लाभ

भगवान श्री परशुराम जी की आरती पढ़ने से ज्ञान और साहस में बढ़ोतरी होती है। इसके साथ ही इंसान तेजस्वी भी बनता है। इस आरती को विशेष रूप से परशुराम जयंती के दिन तो जरूर ही करना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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