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Ahoi Ashtami Ki Aarti In Hindi: जय अहोई माता, जय अहोई माता...अहोई अष्टमी के दिन करें ये आरती

Ahoi Ashtami Aarti (जय अहोई माता आरती), Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi: अहोई अष्टमी के दिन तारों के निकलने से पहले अहोई माता और स्याही माता की विधि विधान पूजा की जाती है। इस पूजा के समय ये आरती करना बिल्कुल भी न भूलें। देखें अहोई माता की आरती के लिरिक्स।

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Ahoi Ashtami Aarti

Ahoi Ashtami Aarti (जय अहोई माता आरती), Ahoi Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi: हिंदू पंचांग अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी व्रत रखा जाता है। इस व्रत में माता अहोई की पूजा की जाती है। कहते हैं इस व्रत को रखने से संतान को लंबी आयु का आशीर्वाद तो प्राप्त होता ही है साथ ही उनके जीवन में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 24 अक्टूबर को रखा जा रहा है। यहां हम आपको बताएंगे अहोई अष्टमी की आरती।

अहोई अष्टमी की आरती (Ahoi Ashtami Aarti Lyrics In Hindi)

जय अहोई माता,

जय अहोई माता ।

तुमको निसदिन ध्यावत,

हर विष्णु विधाता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

ब्रह्माणी, रुद्राणी, कमला,

तू ही है जगमाता ।

सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,

नारद ऋषि गाता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

माता रूप निरंजन,

सुख-सम्पत्ति दाता ।

जो कोई तुमको ध्यावत,

नित मंगल पाता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

तू ही पाताल बसंती,

तू ही है शुभदाता ।

कर्म-प्रभाव प्रकाशक,

जगनिधि से त्राता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

जिस घर थारो वासा,

वाहि में गुण आता ।

कर न सके सोई कर ले,

मन नहीं घबराता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

तुम बिन सुख न होवे,

न कोई पुत्र पाता ।

खान-पान का वैभव,

तुम बिन नहीं आता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

शुभ गुण सुंदर युक्ता,

क्षीर निधि जाता ।

रतन चतुर्दश तोकू,

कोई नहीं पाता ॥

ॐ जय अहोई माता ॥

श्री अहोई माँ की आरती,

जो कोई गाता ।

उर उमंग अति उपजे,

पाप उतर जाता ॥

ॐ जय अहोई माता,

मैया जय अहोई माता ।

अहोई अष्टमी के बारे में जरूरी जानकारी

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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