Office Vastu Tips: कर्म के बिना इस सृष्टि की परिकल्पना नहीं की जा सकती है। लाइफ खुद टीम वर्क है। आजकल ऑफिस में बॉस टीम वर्क सुदृढ़ करके ही काम कर रहे हैं।सभी सफल हो तो ऑफिस आनन्द के आगोश में डूब जाता है ।सभी कर्मचारियों के कर्म आपके निजी कर्म लगते हैं। चांद सितारे आपके दामन में रहते हैं। कितना कष्ट होता है जहां हम कार्य करें और वह संस्थान घाटे में पहुंच जाता है । सभी का अथक प्रयास एकरूपता ले यही प्रयास होना चाहिए। आइए इस प्रेम व कर्मयोग की बुनियाद को बचाएं।संस्था के प्रति विश्वास और समर्पण रुपी नींव के पत्थर हों तो सबका विकास होता है। आइए जानते हैं कुछ वास्तु टिप्स।
वास्तु टिप्स
- प्रेम व सामंजस्य का कारक ग्रह शुक्र होता है। सुगंध का वातावरण दफ्तर में हो। स्वच्छता विद्यमान हो।हर रूम में हॉर्स की तस्वीरें हों। ब्लू लाइट हो।
- ईशान यानी उत्तर पूर्व दिशा में मंदिर हो।मंदिर में राधा कृष्ण की मूर्ति अवश्य हो।
- पूर्व का वेट कम हो।
- पश्चिम का भार ज्यादा हो
- पूरे निर्माण एरिया के नार्थ का वेट कम और साउथ का ज्यादा हो।
- ऑफिस रूम में दर्पण प्रगति का शत्रु होता है।कभी भी वर्किंग रूम में अपनी तस्वीर आईने में नहीं दिखनी चाहिए। अतः उस कमरे से दर्पण हटा दें।
- कुंडली में सातवें व दशवें घर के स्वामी ग्रहों का रत्न अपने रूम में अष्टटधातु में मढ़वाकर रखें।
- आग्नेय दिशा में जल सम्बन्धी कोई व्यवस्था मत हो।
- ऑफिस के खाली जगह में तुलसी, शमी,सुगंधित रात रानी या चमेली के पेड़ हों जिसकी खुशबू दूर तक आती हो।
- आफिस के किसी भी रूम में कहीं भी युद्ध की तस्वीर मत हो।
- पिंक और ब्लू कलर कार्य में चुम्बकत्व उत्पन्न करते हैं।
- सभी कर्मचारी कभी कभी साथ डिनर करें। इसका एक सिस्टम बन जाय। महीने में हर शनिवार को यह कार्यक्रम हो। वहीं पर आफिस के काम का चर्चा भी हो जाय। ऑफिस का बॉस सबको महीने में एक दिन एकसाथ सबसे डिस्कस करें।
इस प्रकार यदि इतनी बातों के साथ अपने अपने दायित्व का बखूबी निर्वहन करें और वास्तु का उपाय भी करते रहें तो आपका टीम वर्क सफल रहेगा।
