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पहली बार रख रहे हैं निर्जला एकादशी व्रत कैसे रखें, निर्जला एकादशी व्रत की विधि

Nirjala Ekadashi 2026 : ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी के नाम से जाना जाता है। अगर आप पहली बार निर्जला एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।

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निर्जला एकादशी व्रत कैसे करें

Nirjala Ekadashi vrat Kaise Rakhen : हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और पुण्यदायी व्रतों में से एक माना गया है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को करने से सालभर की सभी एकादशियों के बराबर पुण्य फल प्राप्त होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा मिलती है।

निर्जला एकादशी में अन्न के साथ-साथ जल का भी त्याग किया जाता है, इसलिए इसे कठिन व्रत माना जाता है। अगर आप पहली बार निर्जला एकादशी का व्रत रखने जा रहे हैं तो कुछ नियमों और सावधानियों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं पहली बार निर्जला एकादशी व्रत कैसे रखें और किन बातों का ध्यान रखें।

व्रत रखने से पहले शरीर को करें तैयार

निर्जला एकादशी व्रत में पूरे दिन बिना जल के रहना होता है, इसलिए व्रत से एक दिन पहले यानी दशमी तिथि से ही शरीर को तैयार करना चाहिए। दशमी के दिन ज्यादा तला-भुना और मसालेदार भोजन करने से बचें।

व्रत से पहले हल्का और सात्विक भोजन करें। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में जल का सेवन करें। पहली बार व्रत रखने वाले लोगों को अपनी क्षमता का ध्यान रखना चाहिए।

दशमी तिथि से ही सात्विक नियम अपनाएं

निर्जला एकादशी का फल पाने के लिए केवल भूखे-प्यासे रहना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि मन और व्यवहार की शुद्धता भी जरूरी होती है। दशमी तिथि से ही सात्विक भोजन करें और किसी के प्रति गलत भावना न रखें। इस दिन क्रोध, झूठ बोलने और किसी का अपमान करने से बचना चाहिए। मन को भगवान विष्णु की भक्ति में लगाना शुभ माना जाता है।

निर्जला एकादशी के दिन कैसे करें पूजा

निर्जला एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। पूजा स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। उन्हें पीले फूल, पीले वस्त्र, तुलसी दल, फल और पंचामृत अर्पित करें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और विष्णु सहस्रनाम या विष्णु चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान तुलसी दल जरूर अर्पित करें, क्योंकि भगवान विष्णु को तुलसी बेहद प्रिय मानी जाती है।

बिना जल के व्रत में इन बातों का रखें ध्यान

निर्जला एकादशी में जल ग्रहण नहीं किया जाता है, लेकिन पहली बार व्रत रखने वाले लोगों को अपनी क्षमता का ध्यान रखना चाहिए। अगर स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो व्रत रखने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा। व्रत के दौरान ज्यादा मेहनत वाले काम करने से बचें। आराम करें और अपना ध्यान भगवान की भक्ति में लगाएं। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी हो सकती है, इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।

रात में भगवान विष्णु का करें स्मरण

निर्जला एकादशी की रात भगवान विष्णु का ध्यान और भजन करना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। संभव हो तो रात में जागरण कर भगवान का नाम जप करें। इसके साथ ही 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।

व्रत का पारण कैसे करें

निर्जला एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि को शुभ मुहूर्त में किया जाता है। पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा करें और ब्राह्मण या जरूरतमंद व्यक्ति को दान करना शुभ माना जाता है। पारण के समय सबसे पहले जल ग्रहण करें। इसके बाद हल्का और सात्विक भोजन करें। अचानक ज्यादा भोजन करने से बचें।

निर्जला एकादशी पर करें ये दान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी पर जल से जुड़ी वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंद लोगों को पानी, शरबत, घड़ा, फल, अन्न और वस्त्र का दान किया जा सकता है। गर्मी के मौसम में राहगीरों के लिए पानी की व्यवस्था करना भी पुण्य कार्य माना जाता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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