सावन का पवित्र माह 11 जुलाई से शुरू होकर 9 अगस्त तक चलने वाला है। भगवान शंकर को समर्पित ये महीना काफी पुण्यदायी होता है। सावन में भगवान महादेव की पूजा का विशेष प्रावधान है। यही कारण है कि उनके भक्त कुछ खास चीजें इस माह में उन्हें जरूर अर्पित करते हैं। मान्यता है कि सावन में सच्चे मन से महादेव की पूजा करने से आपको मनोवांछित फल मिलता है। लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताएंगे जिन्हें शिवलिंग पर कभी नहीं चढ़ाना चाहिए। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 4 चीजें...
तुलसी के पत्ते
महादेव की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल वर्जित माना जाता है। धार्मिक मान्यता है, तुलसी का विवाह शालिग्राम (भगवान विष्णु का रूप) से हुआ है। इसलिए शंकर जी की पूजा में तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
केतकी के फूल
धार्मिक मान्यता है कि केतकी यानी केवड़ा के फूल ने ब्रह्मा जी को एक झूठा प्रमाण दिया था। जिससे महादेव काफी नाराज हुए थे। यही कारण है कि आज तक शिवलिंग पर केतकी का फूल नहीं चढ़ाया जाता है।
उबला हुआ दूध
भगवान शिव का अभिषेक दूध से किया जाता है, ये आपने जरूर सुना होगा। लेकिन ये दूध कभी भी उबला हुआ नहीं होना चाहिए। जी हां शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए कच्चा और देशी गाय के दूध का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
खंडित अक्षत और बेलपत्र
भगवान शिव को अक्षत और बेलपत्र चढ़ाया जाता है। लेकिन यदि ये खंडित हैं, तो इसे चढ़ाने से बचना चाहिए। भगवान शिव को हमेशा साफ और पूर्ण अक्षत और बेलपत्र चढ़ाने चाहिए।
