अध्यात्म

Narmada Aarti Lyrics in Hindi: मां नर्मदा की इस पावन आरती से पूर्ण कीजिए पूजा अनुष्ठान, पढ़िए सपूर्ण आरती हिंदी में यहां

Narmada Aarti Lyrics in Hindi (नर्मदा आरती लिरिक्स हिंदी में): धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नर्मदा नदी में स्नान करने से मनुष्य के पापों का नाश हो जाता है। आने वाली 4 फरवरी, मंगलवार को पूरे देश में नर्मदा जयंती के उत्सव की लहर देखने को मिलेगी। इस शुभ अवसर पर मां नर्मदा की आरती पढ़ने से व्यक्ति को सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Image

om jai jagda nandi aarti lyrics.

Narmada Aarti Lyrics in Hindi (नर्मदा आरती लिरिक्स हिंदी में): भारत में कई नदियों को धार्मिक दृष्टिकोण से देखा जाता है जिनमें से एक नर्मदा भी है। इस नदी को अत्यंत ही पवित्र माना जाता है क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस नदी का जन्म और उद्गम भगवान शिव से हुआ था। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को नर्मदा जयंती मनाई जाती है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु नर्मदा सहित अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य की प्राप्ति करते हैं। ऐसा कहा जाता है क‍ि नर्मदा नदी में स्नान करने से व्यक्ति पाप-पुण्य के बंधनों से मुक्त होता है। इस दिन नर्मदा नदी के तट पर विधि-विधान से आरती और पूजन होता है जिसमें भक्त मां नर्मदा को प्रसन्न करने के लिए उनकी आरती गाते हैं। ऐसे में आज हम आपके लिए संपूर्ण नर्मदा आरती लिरिक्स हिंदी में लेकर आए हैं।

Narmada Aarti Lyrics in Hindi (नर्मदा आरती लिरिक्स हिंदी में)

ॐ जय जगदानन्दी,

मैया जय आनंद कन्दी।

ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा

शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती ॥

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

देवी नारद सारद तुम वरदायक,

अभिनव पदण्डी।

सुर नर मुनि जन सेवत,

सुर नर मुनि...

शारद पदवाचन्ती।

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

देवी धूमक वाहन राजत,

वीणा वाद्यन्ती।

झुमकत-झुमकत-झुमकत,

झननन झमकत रमती राजन्ती।

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

देवी बाजत ताल मृदंगा,

सुर मण्डल रमती।

तोड़ीतान-तोड़ीतान-तोड़ीतान,

तुरड़ड़ रमती सुरवन्ती।

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

देवी सकल भुवन पर आप विराजत,

निशदिन आनन्दी।

गावत गंगा शंकर, सेवत रेवा

शंकर तुम भट मेटन्ती ।

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

मैयाजी को कंचन थार विराजत,

अगर कपूर बाती।

अमर कंठ में विराजत,

घाटन घाट बिराजत,

कोटि रतन ज्योति।

॥ ॐ जय जगदानन्दी॥

मैयाजी की आरती,

निशदिन पढ़ गा‍वरि,

हो रेवा जुग-जुग नरगावे,

भजत शिवानन्द स्वामी

जपत हर‍ि नंद स्वामी मनवांछित पावे।

ॐ जय जगदानन्दी,

मैया जय आनंद कन्दी।

ब्रह्मा हरिहर शंकर, रेवा

शिव हर‍ि शंकर, रुद्रौ पालन्ती॥

Narmada Aarti Importance (नर्मदा आरती का महत्व)

नर्मदा आरती करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है और उसका आध्यात्मिक विकास होता है। इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य में भी सुधार आता है। मान्यता है कि नर्मदा आरती करने से कुंडली के काल-सर्प दोष और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। मां नर्मदा की आरती करने से आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है और सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article