अध्यात्म

चेहरे के इन अंगों पर तिल वाले होते हैं गुस्सैल, जल्दी जाते हैं भड़क

Face Mole Meaning: सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार चेहरे के कुछ ऐसे हिस्से हैं, जहां अगर तिल होता है तो वो लोग गुस्सैल होते हैं। दरअसल सामुद्रिक शास्त्र में इंसान के शरीर के अंगों और तिल, मस्सों आदि से जुड़े संकेतों के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं कि चेहरे पर कहां तिल होने वाला व्यक्ति गुस्सैल होता है?

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चेहरे की इन जगहों पर तिल वाले होते हैं गुस्सैल

Face Mole Meaning: सामुद्रिक शास्त्र में शरीर के अलग-अलग अंगों की बनावट, रंग, निशान और तिल के आधार पर व्यक्ति के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में संकेत बताए गए हैं। प्राचीन समय से ही यह मान्यता रही है कि शरीर पर मौजूद तिल केवल एक सामान्य निशान नहीं होता, बल्कि यह व्यक्ति के व्यवहार, सोच और जीवन से जुड़े कई संकेत दे सकता है।

खासतौर पर चेहरे पर मौजूद तिल को सामुद्रिक शास्त्र में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि चेहरा व्यक्ति की भावनाओं और स्वभाव को दर्शाता है। इसी वजह से माथे, आंख, नाक या भौंह के आसपास मौजूद तिल के अलग-अलग अर्थ बताए गए हैं। सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार कुछ स्थानों पर तिल होना व्यक्ति के तेज, जल्द प्रतिक्रिया देने वाले या गुस्सैल स्वभाव का संकेत माना जाता है। हालांकि यह केवल पारंपरिक मान्यताएं हैं, लेकिन ज्योतिष और सामुद्रिक शास्त्र में इनका उल्लेख मिलता है। आइए जानते हैं कि चेहरे पर किन जगहों पर तिल होना व्यक्ति के गुस्सैल स्वभाव से जोड़ा जाता है।

आंख के पास तिल

सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की आंख के पास तिल होता है, खासकर बाईं आंख के आसपास, तो ऐसे लोगों को जल्दी गुस्सा आने वाला माना जाता है। कहा जाता है कि ये लोग भावुक भी होते हैं और कई बार छोटी बातों पर भी तुरंत प्रतिक्रिया दे देते हैं। हालांकि ऐसे लोग दिल के बुरे नहीं होते हैं, लेकिन इनका गुस्सा जल्दी जाहिर हो सकता है।

नाक पर तिल

नाक को सामुद्रिक शास्त्र में अहंकार और आत्मसम्मान से जोड़कर देखा जाता है। अगर किसी व्यक्ति की नाक पर तिल होता है तो ऐसे लोगों का स्वभाव कई बार थोड़ा तेज माना जाता है। मान्यता है कि ये लोग अपने सम्मान को लेकर संवेदनशील होते हैं और अगर उन्हें कुछ गलत लगे तो जल्दी नाराज हो सकते हैं।

भौंह के बीच में तिल

अगर किसी व्यक्ति की दोनों भौंहों के बीच तिल होता है तो सामुद्रिक शास्त्र में इसे भी तेज स्वभाव का संकेत माना जाता है। ऐसे लोग आत्मविश्वासी होते हैं, लेकिन कई बार उनकी बातों में तीखापन भी दिखाई दे सकता है।

माथे के बीच या ऊपर तिल

माथे के बीच या ऊपर तिल होने को भी कई मान्यताओं में तेज स्वभाव से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे लोग निर्णय जल्दी लेते हैं और अपनी बात पर अड़े रहने की आदत भी रख सकते हैं।

हर तिल का मतलब अलग हो सकता है

सामुद्रिक शास्त्र में तिल की व्याख्या केवल एक संकेत के रूप में की जाती है। किसी व्यक्ति का स्वभाव केवल तिल के आधार पर तय नहीं होता है। व्यक्ति का व्यवहार उसकी परवरिश, सोच और परिस्थितियों पर भी निर्भर करता है। इस कारण इन बातों को केवल पारंपरिक मान्यताओं के रूप में ही देखा जाता है।

डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामुद्रिक शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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