Mauni Amavasya Kab Hai 2025 (मौनी अमावसया कब है 2025): धार्मिक मान्यताओं अनुसार मौनी अमावस्या के दिन गंगा का जल अमृमय हो जाता है। इस वजह से इस दिन गंगा स्नान करने का सबसे ज्यादा महत्व माना गया है। कहते हैं इस दिन गंगा स्नान करने से मनुष्य को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। मौनी अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहा जाता है। इस साल प्रयागराज में कुंभ मेला लग रहा है। ऐसे में मौनी अमावस्या के दिन कुंभ में शाही स्नान किया जाएगा। चलिए आपको बताते हैं मौनी अमावस्या की सही तारीख क्या है।
मौनी अमावस्या कब है 2025 (Mauni Amavasya Kab Hai 2025)
| मौनी अमावस्या | 29 जनवरी 2025, बुधवार |
| अमावस्या तिथि प्रारम्भ | 28 जनवरी 2025, 07:35 बजे |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 29 जनवरी 2025, 06:05 बजे |
मौनी अमावस्या मुहूर्त 2025 (Mauni Amavasya Muhurat 2025)
लाभ - उन्नति - 07:11 से 08:32
अमृत - सर्वोत्तम - 08:32 से 09:53
शुभ - उत्तम - 11:14 से 12:34
चर - सामान्य - 15:16 से 16:37
लाभ - उन्नति - 16:37 से 17:58
मौनी अमावस्या पूजा विधि (Mauni Amavasya Puja Vidhi)
- मौनी अमावस्या के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर घर की साफ-सफाई करें।
- इसके बाद गंगा नदी में या घर पर ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
- इस दिन स्नान करते समय इस मंत्र का जाप करें: – ‘गंगा च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन संनिधिम कुरु ||’
- स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें और मौन व्रत का संकल्प लें।
- इस दिन तुलसी के पौधे की 108 बार परिक्रमा करें।
- पूजा-पाठ के बाद जरूरतमंदों को धन, भोजन और वस्त्रों का दान अवश्य करें।
मौनी अमावस्या पर क्या करें? (Mauni Amavasya Par Kya Kare)
माघ मास के दिन मौन व्रत रखने का विशेष महत्व माना जाता है। इसके अलावा इस दिन धार्मिक स्थलों जैसे काशी, प्रयाग, रामेश्वरम आदि में पवित्र जल में स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को दान भी करना चाहिए।
