Makar Sankranti 2023: दान का महापर्व मकर संक्रांति। तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल आदि का दान। राशि के अनुसार दान। यानी जितना संभव हो सके दान। लेकिन आपको यहां एक बात बहुत जरूरी ध्यान रखनी चाहिए कि बिना गौ माता को दान किये सभी पुण्य कार्य अधूरे ही रहते हैं। शास्त्रों में गाय को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। तैंतीस कोटि देवी देवताओं का वास गौ माता में होता है। यदि कहीं और कुछ दान नहीं कर पा रहे हैं तो सिर्फ गाय माता को ही दान करके आप दान का पुण्य अर्जित कर सकते हैं। मकर संक्रांति पर कुछ वस्तुओं का गौ माता को दान करने से ग्रह दोष तो शांत होते ही हैं साथ ही एक विधि का अनुसरण कर आप शारीरिक पीड़ा से भी मुक्ति पा सकते हैं। गौ सेवा से कुंडली में सूर्य तेज होता है।
शारीरिक पीड़ा से मुक्ति कैसे
गाै माता को किन वस्तुओं का दान करना चाहिए, इसकी जानकारी से पहले हम आपको बताते हैं वो विधि जिसके माध्यम से आप गौ माता की ऊर्जा से स्वयं के शारीरिक कष्टों से मुक्ति पा सकते हैं। प्रतिदिन गौ माता को भाेजन करवाएं। इसके साथ ही यदि आप किसी तरह की शारीरिक पीड़ा से कष्ट में हैं और यदि नहीं भी हैं तब भी आप प्रतिदिन का नियम बना लें गाय की पीठ को सहलाने का। गाय की पीठ पर जो पर्वत जैसा आकार होता है उसे एक दिशा में यानी आगे से पीछे की ओर सहलाने से उनके देह की ऊर्जा आपके शरीर में संचारित होती है। वो ऊर्जा इतनी अधिक सकारात्मक होती है कि आपके शरीर के रोगों का शमन स्वतः ही हो जाता है। विशेषकर आपका नर्वस सिस्टम इस विधि से दुरुस्त होता है।
मकर संक्रांति पर क्या करें गौ माता को दान
मकर संक्रांति पर क्योंकि सूर्य देव धनु से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। राशि परिवर्तन का असर बाकि सभी राशियों पर भी हाेता है। यदि इस दिन गाय माता को विशेष वस्तु का सेवन करवाएंगे तो आपके ग्रह दोष शांत रहेंगे।
हरी सब्जियां
गौ माता को हरी सब्जियां खिलाएं। उनके निमित्त पालक आदि खरीदकर अर्पित करें। गौ माता को हरा चारा या पालक आदि खिलाने से बुध ग्रह दोष समाप्त होता है।
गुड़
गुड़ का सेवन जितना सर्दियों में मनुष्यों के लिए हितकर है, उतना ही मूक प्राणियों के लिए भी है। गुड़ गौ माता को दान करें, उन्हें खिलाएंगे तो आपके मंगल के दोष दूर हो जाएंगे।
काली उड़द की दाल
माना जाता है कि सूर्य देव मकर संक्रांति पर अपने पुत्र शनिदेव से मिलने के लिए जाते हैं। इस दिन यदि आप गाय माता को काली उड़द की दाल गुड़ के साथ मिलाकर खिलाएंगे तो शनि पीड़ा खत्म होगी।
चने की दाल
चने की दाल बृहस्पति ग्रह दोष को शांत करती है। वहीं गाय माता को प्रतिदिन चले की दाल खिलाने से घर में लक्ष्मी का वास होता है। गाय माता को चने की दाल दान करें। चाहे तो आटे की लोई बनाकर उसमें दाल रखकर खिलाएं।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
