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Maha Shivratri Vrat Kholne Ka Time 2025: महाशिवरात्रि का व्रत कब खुलता है, इसके पारण की विधि क्या है, जानिए सही जानकारी यहां

Maha Shivratri Vrat Kholne Ka Time 2025 (महाशिवरात्रि व्रत कब खुलता है): महाशिवरात्रि का व्रत सूर्योदय से शुरू होता है और इसका पारण अगले दिन के सूर्योदय के साथ ही किया जाता है। चलिए जानते हैं इस साल महाशिवरात्रि व्रत कब खोला जाएगा।

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Mahashivratri Fasting Time 2025

Maha Shivratri Vrat Kholne Ka Time 2025 (महाशिवरात्रि व्रत कब खुलता है): सनातन धर्म में महाशिवरात्रि के व्रत की विशेष महिमा बताई गई है। ये व्रत फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन भक्त पूरे दिन व्रत रहकर शाम में भगवान शिव की विधि विधान पूजा करते हैं। फिर अगले दिन इस व्रत का पारण करते हैं। वहीं कई लोग इस व्रत का पारण रात में कर लेते हैं। चलिए आपको बताते हैं शास्त्रों अनुसार शिवरात्रि व्रत कब खोलना चाहिए।

महाशिवरात्रि व्रत कब खोलें (Mahashivratri Vrat Kholne Ka Time 2025)

महाशिवरात्र व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के समय किया जाता है। इस साल महाशिवरात्रि व्रत का पारण समय 27 फरवरी की सुबह 06:48 से लेकर 08:54 बजे तक रहेगा।

महाशवरात्रि व्रत में क्या खा सकते हैं (Mahashivratri Vrat Me Kya Kha Sakte Hai)

महाशिवरात्रि व्रत में फलाहारी भोजन का सेवन कर सकते हैं। इस व्रत में साबूदाना, फल, ड्राई फ्रूट्स, दूध से बनी चीजें, कुट्टू-सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें खा सकते हैं।

महाशिवरात्रि व्रत कैसे खोलें (Mahashivratri Vrat Kaise Khole)

महाशिवरात्रि व्रत का पारण करने से पहले महादेव की विध विधान पूजा करें। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं। उन्हें दान-दक्षिणा देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।इसके बाद जो भी भोग भगवान शिव को अर्पित किया है उसका सेवन करके अपना व्रत खोल लें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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