Mahalaxmi Mantra: महालक्ष्मी व्रत का हिंदू परंपरा में बहुत महत्व है। यह व्रत पूरे 16 दिनों तक चलता है। महालक्ष्मी व्रत की शुरुआत भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को होता है और इसका समापन आश्विन मास की अष्टमी तिथि को होता है। इस बार इस व्रत का समापन आज यानि 6 अक्टूबर को हो रहा है। महालक्ष्मी व्रत करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता लक्ष्मी की पूजा करता है। उस पर माता लक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है। आइए जानते हैं महालक्ष्मी पूजा के समय किन मंत्रों का जाप करना चाहिए।
श्री महालक्ष्मी मंत्र (Mahalaxmi Mantra)
ॐ महा लक्ष्मयै नमो नमः
ॐ विष्णू प्रियायी नमो नमः
ॐ धन प्रदायी नमो नमः
ॐ विश्व जननयी नमो नमः
लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि,
तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ
महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद,
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:
लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नम:
महालक्ष्मी विशेष मंत्र
ॐ सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो, धन धान्यः सुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः ॐ ।।'
