Maa Kali ki Puja Vidhi (मां काली की पूजा विधि): पौराणिक ग्रंथों के अनुसार शक्ति की दस महाविद्या में से पहली मां काली को महाकाली भी कहा जाता है। चौंसठ योगिनी में भी मां काली का उल्लेख आता है। देवी भागवत पुराण के मुताबिक मां काली को काल यानी की मृत्यु की देवी भी कहा जाता है, जिनकी पूजा करने से अकाल मृत्यु का प्रभाव भी कम होता है। महा काली भगवान शिव के महाकाल स्वरूप की शक्ति हैं। ब्रह्म नील तंत्र के अनुसार मां काली रक्त वर्ण और कृष्ण वर्ण, दो रूपों में पूजी जाती हैं। कृष्ण वर्ण की मां काली का नाम दक्षिणा माना जाता है और रक्त वर्ण की मां काली का नाम सुंदरी माना जाता है। मां काली का स्वरूप अत्यंत ही अनोखा होता है जिनके हाथों में त्रिशूल, हंसुली, और खड्ग जैसे कई शास्त्र होते हैं। मां काली की पूजा करने से भय का नाश होता है और रोग-दोषों से मुक्ति मिलती है। इनकी पूजा से कुंडली में राहु और केतु ग्रह को भी शांत किया जा सकता है और नकारात्मक शक्तियों दूर किया जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार का दिन मां भगवती की पूजा का माना जाता है जिस दिन मां काली की पूजा की जा सकती है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि मां काली की पूजा विधि क्या है।
Maa Kali ki Puja Vidhi (मां काली की पूजा विधि)
घर पर की जाने वाली मां काली की पूजा का विधान कुछ इस प्रकार से है -
• ब्रह्म मुहूर्त में स्नान-ध्यान कर स्वच्छ कपड़े पहनकर मां काली की विधि आरंभ करें।
• मां काली की पूजा से पहले भगवान गणेश को नमन करें पूजा करें।
• अब पूजा वाले स्थान पर माता काली की मूर्ति या उनकी तस्वीर को स्थापित करें और उनके सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
• माता को लाल सिंदूर, चुनरी, गुड़हल का फूल, काली उड़द की दाल और काला तिल चढ़ाएं।
• मां काली को तिलक, हल्दी, रोली और कुमकुम भी लगाएं, साथ ही श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें।
• “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे” मंत्र का 108 बार जप करें।
• काली माता को खिचड़ी और तली हुई सब्जियों का भोग चढ़ाएं।
• मां काली की कथा सुनें या पढ़ें, मां काली की विधि-विधान से आरती गाएं और मां को भोग लगाएं के बाद प्रसाद को घर के सभी सदस्यों में विस्तृत करें।
Maa kali Mantra (मां काली मंत्र)
भद्रकाली मंत्र
ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥
मां काली मंत्र
ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥
काली बीज मंत्र
ॐ क्रीं काली
तीन अक्षरी मां काली मंत्र
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं
पांच अक्षरी मां काली मंत्र
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्
सप्ताक्षरी मां काली मंत्र
ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा
मां काली का मंत्र
ॐ श्री कालिकायै नमः
काली मां का मंत्र
ॐ हरिं श्रीं कलिं अद्य कालिका परम् एष्वरी स्वा:
दक्षिणकाली मंत्र
ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥
क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥
ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥
पूजा हेतु मां काली का मंत्र
कृन्ग कृन्ग कृन्ग हिन्ग कृन्ग दक्षिणे कलिके कृन्ग कृन्ग कृन्ग हरिनग हरिनग हुन्ग हुन्ग स्वा:
मां काली गायत्री मंत्र
ॐ महा काल्यै छ विद्यामहे स्स्मसन वासिन्यै छ धीमहि तन्नो काली प्रचोदयात
महाकाली बीज मंत्र
ॐ क्रीं कालिकायै नमः
