Delhi Jal Board Corruption: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को सत्येंद्र जैन को मिली जमानत का जिक्र करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मोदी जी, इससे आपको क्या हासिल हुआ? चौबीस घंटे आप बस लोगों को जेल भेजने के बारे में सोचते रहते हो। देश चलाने में तो कोई इंटरेस्ट ही नहीं आपको।
PM पर बरसे केजरीवाल
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, ''आज सत्येंद्र जैन को बेल मिल गई। उनको गिरफ्तार क्यो किया गया। किसी को समझ नहीं आ रहा। किसी भी मामले में किसी को गिरफ्तार उनसे पूछताछ के लिए किया जाता है। इसके लिए पुलिस कस्टडी ली जाती है। पुलिस कस्टडी पूरी होने के बाद व्यक्ति न्यायिक हिरासत में जाता है।''
'मोदी जी को देश चलाने में कोई इंटरेस्ट नहीं'
केजरीवाल ने आगे कहा कि सत्येंद्र जैन को इस मामले में पुलिस कस्टडी में नहीं भेजा गया। उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई। सीधे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनके खिलाफ केस इतना कमज़ोर था कि महज 10 दिन में उन्हें बेल मिल गई। मोदी जी, इस से आपको क्या हासिल हुआ? चौबीस घंटे आप बस लोगों को जेल भेजने के बारे में सोचते रहते हो। देश चलाने में तो कोई इंटरेस्ट ही नहीं आपको। और ना ही देश चलाना आता है।
उन्होंने कहा, ''कहां आप देश के प्रधानमंत्री बन गए। आपको तो किसी गांव का थानेदार होना चाहिए था। आपकी हरकतें वैसी ही हैं। एक तरफ आप सत्येंद्र जैन जैसे भले व्यक्ति को जेल भेजते हो, दूसरी तरफ़ ऐसे गुंडों को पाल कर रखते हो।''
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'अब माता-पिता ही नहीं, कोई भी दे सकेगा एक लाख रुपये की जमानत राशि', DUSU चुनाव को लेकर दिल्ली HC का बड़ा फैसला
सत्येंद्र जैन को मिली जमानत
दिल्ली की एक अदालत ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में AAP नेता सत्येंद्र जैन को जमानत दे दी। विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने एक संक्षिप्त मौखिक आदेश में कहा, ''जमानत की अर्जी मंज़ूर की जाती है।'' कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को दो लाख रुपये के जमानती बॉण्ड और इतनी ही राशि के दो मुचलकों की शर्त पर जमानत दी। सत्येंद्र जैन को 19 अगस्त को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 'यूरोटेक एनवायर्नमेंटल प्राइवेट लिमिटेड' को दिए गए एक ठेके से जुड़ा है। यह ठेका उस समय दिया गया था जब सत्येंद्र जैन दिल्ली के जल मंत्री थे। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आरोप लगाया था कि निविदा की शर्तों में फेरबदल की गई थी तथा निविदा प्रक्रिया को जानबूझकर प्रोद्योगिकी केंद्रित किया गया था, ताकि 'यूरोटेक एनवायर्नमेंटल' को फायदा पहुंचाया जा सके।
