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Lohri Muhurat 2025: लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और कथा यहां देखें

Lohri Time 2025, Lohri Light Firing Time Today (लोहड़ी पर आग जलाने का मुहूर्त) Lohri Mein Aag Lagane ka Samay Aaj ka: लोहड़ी की शाम में लोग अपने घर के बाहर आग जलाते हैं और फिर इस पवित्र अग्नि में तरह-तरह की चीजें डालते हैं। यहां आप जानेंगे लोहड़ी की आग जलाने का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है।

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Lohri 2025 shubh muhurat

Lohri Time 2025 (लोहड़ी जलाने का मुहूर्त 2025): लोहड़ी का पर्व मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, जम्मू और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में मनाया जाता है। इस दिन शाम में लोग अपने घर के बाहर खुले स्थान पर लकड़ियों का ढेर लगाकर उसमें आग जलाते हैं। फिर इस पवित्र अग्नि की पूजा की जाती है। इसके बाद लोग आग में तिल, गुड़, रेवड़ी, गजक और मूंगफली इत्यादि चीजें प्रसाद रूप में चढ़ाते हैं। इस साल लोहड़ी 13 जनवरी को यानी आज मनाई जा रही है। चलिए आपको बताते हैं लोहड़ी जलाने का मुहूर्त क्या है।

लोहड़ी जलाने का मुहूर्त 2025 (Lohri Jalane Ka Time 2025)

पंचांग के अनुसार 2025 में लोहड़ी जलाने का शुभ मुहूर्त 13 जनवरी की शाम 05 बजकर 34 मिनट से रात 08 बजकर 12 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आग जलाकर 7 या 11 बार अग्नि की परिक्रमा करनी चाहिए।

लोहड़ी की पूजा कैसे करें (Lohri Ki Puja Kaise Kare)

लोहड़ी की आग जलाने के बाद उस आग में गुड़, मूंगफली, रेवड़ी, गजक, पॉपकॉर्न आदि चीजें डाली जाती है। फिर लोग आग के चारों ओर नृत्य करते हैं और साथ ही लोहड़ी के पारंपरिक गीत गाते हैं। अग्नि में आहुति देने के बाद लोग खुद भी रेवड़ी, खील, गज्जक, मूंगफली और मक्का आदि चीजों का सेवन करते हैं। लोहड़ी पर घरों में मक्के की टोटी और सरसों का साग भी बनता है।

लोहड़ी की कहानी (Lohri Ki Kahani)

अकबर के शासन काल के समय पंजाब में दुल्ला भट्टी रहता था, जब संदल बार में लड़कियों को अमीर सौदागरों को बेचा जा रहा था, तब दुल्ला भट्टी ने इन लड़कियों की रक्षा की थी। दुल्ला भट्टी ने इन लड़‌कियों को सौदागरों के चंगुल से तो छुड़वाया ही साथ ही उनकी शादी भी करवाई। कहते हैं तभी से दुल्ला भट्टी की कहानी लोहड़ी पर सभी को सुनाई जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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