अध्यात्म

लड्डू गोपाल की मूर्ति कितनी बड़ी होनी चाहिए? जानें घर में लड्डू गोपाल रखने के 10 नियम

लड्डू गोपाल हमें सिखाते हैं कि ईश्वर प्रेम से बंधते हैं, नियमों से नहीं। जब हम उन्हें अपने घर का सदस्य मानकर रखते हैं, तब वे केवल मंदिर में नहीं, हमारे मन में भी विराजमान हो जाते हैं। लेकिन घर में लड्डू गोपाल को रखने के कुछ खास नियम होते हैं। यहां से आप उन 10 नियमों के बारे में जान सकते हैं।

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लड्डू गोपाल रखने से 10 नियम (pic credit: canva)

लड्डू गोपाल यानी बाल स्वरूप श्रीकृष्ण, को घर में रखना केवल पूजा नहीं बल्कि परिवार के एक बालक को अपनाने जैसा माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जहां लड्डू गोपाल विराजते हैं, उस घर में प्यार आनंद और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। लेकिन उनकी कृपा पाने के लिए कुछ नियमों का पालन आवश्यक होता है। यहां से आप उन नियमों के बारे में जान सकते हैं।

लड्डू गोपाल की मूर्ति कितनी बड़ी होनी चाहिए?

घर में रखने के लिए 2 इंच से 6 इंच तक की लड्डू गोपाल की मूर्ति सबसे सही मानी जाती है। 2 से 3 इंच की मूर्ति साधारण पूजा और छोटे घरों के लिए ठीक रहती है। वहीं, 4 से 6 इंच की मूर्ति नियमित सेवा, श्रृंगार और भोग के लिए उत्तम मानी जाती है। बहुत बड़ी मूर्ति रखना तभी उचित है जब आप रोज समय देकर उनकी पूरी सेवा कर सकें।

घर में लड्डू गोपाल रखने के 10 महत्वपूर्ण नियम-

  1. लड्डू गोपाल को भगवान के साथ-साथ बालक माना जाता है। उन्हें प्रेम, धैर्य और अपनत्व से रखना चाहिए, केवल दिखावे के लिए पूजा न करें।
  2. हो सके तो रोज या कम से कम सप्ताह में एक बार उन्हें जल से स्नान कराएं और साफ वस्त्र पहनाएं।
  3. जो भी भोजन घर में बने, उसमें से थोड़ा सा भोग लड्डू गोपाल को ज़रूर अर्पित करें। सादा भोजन भी प्रेम से लगाया जाए तो स्वीकार होता है।
  4. रात में उन्हें शयन कराना और सुबह जागरण करना शुभ माना जाता है। इससे घर में अनुशासन और सकारात्मकता आती है।
  5. अगर मूर्ति खंडित हो जाए, तो उसे घर में न रखें। श्रद्धा से किसी पवित्र जल में विसर्जन कर दें।
  6. लड्डू गोपाल को साफ और पवित्र स्थान पर रखें। पूजा स्थल पर गंदगी या अव्यवस्था न हो।
  7. उनके सामने क्रोध, झगड़ा या अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। बाल स्वरूप भगवान को शांति प्रिय माना गया है।
  8. श्रृंगार अपनी क्षमता अनुसार करें। आवश्यकता से अधिक आडंबर नहीं, प्रेम ही सबसे बड़ा श्रृंगार है।
  9. रोज ऊं नमो भगवते वासुदेवाय या श्री कृष्णाय नम: का जाप करें।
  10. लड्डू गोपाल तभी घर लाएं जब आप उनकी नियमित सेवा कर सकें। लापरवाही करना उचित नहीं माना जाता।
Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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