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Labh Pancham 2024 Date: कब है लाभ पंचमी? यहां नोट करें तिथि, शुभ मुहू्र्त और महत्व

Labh Pancham 2024 Date: लाभ पंचमी को लाभ पंचम के नाम से भी जाना जाता है। ये दिवाली के पांचवें दिन पर मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल लाभ पंचमी कब है और शुभ मुहूर्त के बारे में।

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Labh Pancham 2024 Date

Labh Pancham 2024 Date: हिंदू धर्म में लाभ पंचमी का बहुत ही खास महत्व है। लाभ पंचमी का त्योहार दिवाली पर्व के आखिरी दिन मनाया जाता है। इस पर्व को गुजारत में विशेषतौर पर मनाया जाता है। गुजरात में इसी दिन दिवाली के पर्व का समापन होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार लाभ पंचमी का त्योहार कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन मनाया जाता है। लाभ पंचमी के दिन लक्ष्मी जी की पूजा करने से घर परिवार में सुख, समृद्धि आती है। इसके साथ ही व्यापार में उन्नति के लिए भी ये पर्व खास माना जाता है। आइए जानें लाभ पंचमी कब है और शुभ मुहूर्त के बारे में।

Labh Pancham 2024 Date (लाभ पंचमी 2024 डेट)

पंचांग के अनुसार लाभ पंचमी का त्योहार कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन दिवाली के पांच दिन पर्व का समापन होता है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 06 नवंबर 2024 को रात्रि 12:16 बजे शुरू होगी और इसका समापन 07 नवंबर, 2024 को सुबह 12:41 बजे होगा। ऐसे में लाभ पंचमी 6 नवंबर 2024 को मनाई जाएगी।

Labh Pancham 2024 Shubh Muhurat (लाभ पंचमी शुभ मुहूर्त 2024)

लाभ पंचमी के दिन प्रातः 06:12 बजे से प्रातः 10:08 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा।

Labh Pancham Puja Vidhi (लाभ पंचमी पूजा विधि)

  • लाभ पंचमी के दिन सुबह स्नान करें और लाल रंग का वस्त्र धारण करें।
  • उसके बाद आप सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • फिर भगवान गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित करें।
  • इस दिन लक्ष्मी माता को अगुर, कमल का फूल, सफेद मिठाई अर्पित करें और मंत्र जाप करें।
  • लाभ पंचमी के दिन जरूरतमंद लोगों को दान दें।

Labh Pancham Importance (लाभ पंचमी महत्व)

लाभ पंचमी का पर्व दिवाली के अंतिम दिन मनाया जाता है। इस दिन दुकानों को फिर से खोला जाता है और बही खाते की पूजा की जाती है। लाभ पंचमी का दिन नये बिजनेस की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। लाभ पंचमी के दिन माता लक्ष्मी और गणेश जी की विधिवत पूजा- अर्चना करनी चाहिए। ये दिन सौभाग्य और लाभ लाने वाला माना जाता है। इस दिन माता पार्वती और शिव जी की भी पूजा की जाती है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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