लाभ पंचमी (Labh Pancham) को सौभाग्य लाभ पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। मुख्य रूप से ये त्योहार गुजरात राज्य में मनाया जाता है। ये दिवाली के बाद आता है। ये त्योहार अच्छे भाग्य की कामना के लिए लाभकारी माना गया है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन पूजा करने से इंसान के जीवन, उसके व्यवसाय और परिवार में लाभ और उन्नति का आगमन होता है। ये त्योहार हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन मनाया जाता है। जानिए लाभ पंचमी शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।
लाभ पंचम 2022 मुहूर्त (Labh Pancham 2022 Muhurat Time)
पंचमी तिथि प्रारम्भ - 29 अक्टूबर 2022 को 08:13 AM बजे
पंचमी तिथि समाप्त - 30 अक्टूबर 2022 को 05:49 AM बजे
प्रातःकाल लाभ पंचमी पूजा मुहूर्त - 08:13 AM से 10:13 AM
कैसे मनाते हैं लाभ पंचमी?
- इस दिन लोग सुख-समृद्धि में वृद्धि की कामना के लिए लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा करते हैं।
- पूजा के बाद सभी बड़ों का आशीर्वाद लेते हैं।
- व्यापारी लोग इस दिन लाभ और सौभाग्य की कामना के लिए दान करते हैं।
- इस दिन लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलते हैं और उन्हें मिठाईयां देते हैं।
- कुछ जगहों में लाभ पंचमी के दिन लोग विद्या की पूजा करते हैं।
लाभ पंचमी का महत्व क्या है? गुजरात में दिवाली का त्यौहार धनतेरस से शुरू होकर लाभ पंचमी के दिन खत्म होता है। दिवाली के दूसरे दिन गुजरात में लोग कहीं घूमने निकल जाते हैं और ये घूमना दो या तीन दिन तक चलता है। लेकिन इसके बाद लाभ पंचमी के दिन सब लोग अपने घर वापस लौट कर कामकाज में लग जाते हैं और नए सिरे से अपने काम की शुरुआत करते हैं। लाभ शब्द का मतलब होता है फायदा। लोगों के जीवन में अच्छा भाग्य लाने के लिए इस दिन को मनाया जाता है। ये त्यौहार कोई भी नया व्यापार उद्यम शुरू करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण और शुभ दिनों में से एक माना जाता है।
