अध्यात्म

क्या गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खा सकते हैं, क्या गणेश चतुर्थी पर प्याज खा सकते हैं, जानें खान-पान को लेकर गणेश चतुर्थी के नियम

गणेश चतुर्थी के नियम, क्या गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खा सकते हैं (Can we eat non veg on ganesh Chaturthi): गणेश चतुर्थी को हिंदू धर्म में एक बेहद पवित्र दिन माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन प्रथम पूज्य गणपति का जन्म हुआ था। ऐसे में इस दिन आहार और विचार - दोनों शुचिता रखनी चाहिए। देखें गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खाना सही है या नहीं। गणेश चतुर्थी पर क्या खा सकते हैं और क्या नहीं।

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क्या गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खा सकते हैं (Pic: Canva)

गणेश चतुर्थी के नियम, क्या गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खा सकते हैं (Can we eat non veg on ganesh Chaturthi): गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है। यह दिन गणेश भक्तों के लिए बड़ी आस्था का है। मान्यता है कि यह तिथि विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता श्री गणेश जी का जन्मदिवस है। इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति से गणपति बप्पा की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और प्रसाद का सेवन करते हैं। इस दिन खाने से लेकर कार्यों में शुचिता रखनी चाहिए। आहार और विचार- दोनों सात्विक होने चाहिए।

क्या गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खा सकते हैं

धार्मिक दृष्टि से देखें तो गणेश चतुर्थी पर नॉन वेज खाना उचित नहीं है। गणेश चतुर्थी का दिन सात्विक आहार और शुद्धता का प्रतीक है। और नॉन वेज तामसिक भोजन में आता है। तो इसका सेवन सही नहीं है।

गणेश चतुर्थी पर किन चीजों की मनाही है?

  1. इस दिन नॉन वेज और मदिरा की मनानी है। आप मांसाहार, मछली, अंडा और शराब के सेवन से परहेज करें।
  2. इस दिन तामसिक भोजन जैसे कि लहसुन, प्याज, अधिक तीखा या अत्यधिक मसालेदार भोजन नहीं करना चाहिए।
  3. गणेश चतुर्थी पर चंद्र दर्शन की भी मनाही है। गणेश चतुर्थी की रात को चंद्रमा का दर्शन निषिद्ध है।
  4. इस दिन झूठ और अपवित्र आचरण, इस दिन कटु वचन बोलना, दूसरों को दुख देना और अपवित्रता फैलाना वर्जित है।
  5. इसके अलावा घर में झगड़ा, क्रोध या नकारात्मक भावनाएं भी शुभ नहीं मानी जाती हैं।

गणेश चतुर्थी पर क्या करें

गणेश चतुर्थी पर सात्विक आहार लें और शुद्धता रखें। भगवान गणेश को मोदक, लड्डू, दूर्वा और फल-फूल प्रिय हैं, इसलिए इस दिन मांसाहार का सेवन वर्जित माना गया है। जीवन में शुद्धता, संयम और सकारात्मकता लाने का प्रयास करना चाहिए। गणेश अथर्वशीर्ष, गणेश चालीसा और आरती का पाठ करें। व्रत कथा सुनें और परिवार सहित गणपति का स्मरण करें।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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