अध्यात्म

Kumbh Mela 2025: जानिए पिछले सालों में कुंभ मेला कब-कब और कहां-कहां लगा था?

Kumbh Mela 2025: प्रयागराज में महाकुंभ मेला लगा है जिसमें करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच लोग ये भी सर्च कर रहे हैं कि पिछले वर्षों में कुंभ मेला कब-कब लगा था। चलिए आपको बताते हैं 1989 से लेकर 2025 तक के कुंभ मेलों के बारे में।

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Previous Years Kumbh Mela Dates

Kumbh Mela 2025: आस्था, संस्कृति और एकता के प्रतीक कुंभ मेले का इतिहास काफी पुराना है। जो देश के चार प्रमुख तीर्थस्थलों पर आयोजित किया जाता है। ये तीर्थस्थल हैं प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। 2025 का कुंभ प्रयागराज में लगा है। जहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु नदी में पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है ये वाला कुंभ पूरे 144 सालों बाद लगा है। इसलिए इस कुंभ का महत्व काफी ज्यादा माना जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले वर्षों में कुंभ मेला कब-कब लगा था।

पिछले वर्षों में कुंभ मेला कब-कब लगा था?

कुंभ मेला वर्षकुंभ मेले का स्थान
2001प्रयागराज कुंभ
2003नासिक कुंभ
2004हरिद्वार अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ
2007प्रयागराज अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ
2010हरिद्वार कुंभ
2013प्रयागराज में कुंभ
2015नासिक कुंभ
2016हरिद्वार अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ
2019प्रयागराज अर्धकुंभ
2021हरिद्वार कुंभ
2025प्रयागराज महाकुंभ

2025 के बाद कुंभ मेला कब लगेगा (Agla Kumbh Mela Kab Lagega)

अगला कुंभ मेला 2027 में नासिक में लगेगा। महाराष्ट्र सरकार साल 2027 में लगने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए अभी से ही तैयारी में लग गई है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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