Kumbh Mela 2025: आस्था, संस्कृति और एकता के प्रतीक कुंभ मेले का इतिहास काफी पुराना है। जो देश के चार प्रमुख तीर्थस्थलों पर आयोजित किया जाता है। ये तीर्थस्थल हैं प्रयाग, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। 2025 का कुंभ प्रयागराज में लगा है। जहां करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु नदी में पवित्र स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है ये वाला कुंभ पूरे 144 सालों बाद लगा है। इसलिए इस कुंभ का महत्व काफी ज्यादा माना जा रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पिछले वर्षों में कुंभ मेला कब-कब लगा था।
पिछले वर्षों में कुंभ मेला कब-कब लगा था?
| कुंभ मेला वर्ष | कुंभ मेले का स्थान |
| 2001 | प्रयागराज कुंभ |
| 2003 | नासिक कुंभ |
| 2004 | हरिद्वार अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ |
| 2007 | प्रयागराज अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ |
| 2010 | हरिद्वार कुंभ |
| 2013 | प्रयागराज में कुंभ |
| 2015 | नासिक कुंभ |
| 2016 | हरिद्वार अर्धकुंभ, उज्जैन कुंभ |
| 2019 | प्रयागराज अर्धकुंभ |
| 2021 | हरिद्वार कुंभ |
| 2025 | प्रयागराज महाकुंभ |
2025 के बाद कुंभ मेला कब लगेगा (Agla Kumbh Mela Kab Lagega)
अगला कुंभ मेला 2027 में नासिक में लगेगा। महाराष्ट्र सरकार साल 2027 में लगने वाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए अभी से ही तैयारी में लग गई है।
