अध्यात्म

बंद होने जा रहे हैं खाटू श्याम मंदिर के कपाट, जानें क्या है वजह, कब हो सकेंगे दर्शन?

Khatu Shyam Mandir News: 27 जनवरी 2026 को 19 घंटे के लिए बंद रहेंगे खाटू श्याम मंदिर के कपाट, जानिए वजह और पूरी व्यवस्थाराजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम महाराज मंदिर के कपाट 27 जनवरी को बंद होने जा रहे हैं। इस कारण अगर आप मंदिर में दर्शन करने आने का प्लान है, तो आपको कैंसिल करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि खाटू श्याम मंदिर के कपाट कब से कबतक बंद रहने वाले हैं और इसके पीछे की क्या वजह है?

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क्यों बंद हो रहे हैं खाटू श्याम मंदिर के कपाट?

Khatu Shyam Mandir News: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्यामजी मंदिर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी बीच मंदिर आने वाले भक्तों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। 27 जनवरी 2026 को खाटू श्याम मंदिर के कपाट रात 10 बजे से बंद कर दिए जाएंगे, जो पूरे 19 घंटे तक बंद रहेंगे। मंदिर के कपाट 28 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे पुनः खोले जाएंगे।

क्यों बंद किए जा रहे हैं खाटू श्याम मंदिर के कपाट?

मंदिर प्रबंधन के अनुसार, हर वर्ष की तरह इस बार भी बाबा श्याम की विशेष पूजा, सेवा-पूजन, तिलक और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। इन सभी धार्मिक क्रियाओं को विधिपूर्वक, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए मंदिर के कपाट अस्थायी रूप से बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

इस दौरान बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार, तिलक और अन्य पारंपरिक सेवाएं की जाएंगी, जिनके समय दर्शन व्यवस्था को रोकना आवश्यक होता है। मंदिर कमेटी का कहना है कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसी नियम के तहत कपाट बंद किए जाते हैं।

कब से कब तक बंद रहेंगे मंदिर के कपाट?

खाटू श्यामजी मंदिर के कपाट 27 जनवरी 2026 की रात 10 बजे बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद पूरे 19 घंटे तक श्रद्धालुओं के लिए दर्शन बंद रहेंगे। 28 जनवरी 2026 को शाम 5 बजे मंदिर के कपाट पुनः खोले जाएंगे और इसके साथ ही दर्शन व्यवस्था शुरू कर दी जाएगी।

मंदिर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि 28 जनवरी को शाम 5 बजे से पहले श्रद्धालु मंदिर परिसर में दर्शन के लिए न पहुंचें, ताकि अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था से बचा जा सके।

क्या है विशेष पूजा और तिलक?

खाटू श्यामजी मंदिर में होने वाली विशेष पूजा और तिलक को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार और तिलक करने से मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा और भी बढ़ जाती है। यही कारण है कि इन अनुष्ठानों को पूरी पवित्रता और नियमों के साथ किया जाता है।

इन धार्मिक क्रियाओं के दौरान मंदिर में सीमित लोगों को ही प्रवेश दिया जाता है, ताकि पूजा की मर्यादा बनी रहे और सभी अनुष्ठान बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकें।

मंदिर कमेटी ने की है अपील

मंदिर कमेटी ने सभी श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है। भक्तों से कहा गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना दर्शन समय को ध्यान में रखकर ही बनाएं। 28 जनवरी को शाम 5 बजे के बाद ही मंदिर पहुंचे, जिससे भीड़ नियंत्रण में रहे और सभी श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन का लाभ मिल सके।

कमेटी का कहना है कि नियमों का पालन करने से न केवल व्यवस्था बेहतर रहेगी, बल्कि भक्तों को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

प्रशासन ने भी की हैं तैयारियां

कपाट खुलने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है और मंदिर परिसर में सेवकों व सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसके साथ ही साफ-सफाई, कतार व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि दर्शन प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।

दूर-दूर से आते हैं भक्त

खाटू श्यामजी मंदिर देश-विदेश में अपनी आस्था और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना जरूर पूरी होती है। यही कारण है कि सामान्य दिनों में भी यहां भारी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, जबकि विशेष अवसरों पर यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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