अध्यात्म

Kartik Purnima Par Tulsi Vivah: क्या कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी विवाह कर सकते हैं, जानिए शुभ मुहूर्त

Kartik Purnima Par Tulsi Vivah: कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने और तुलसी माता की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। जानिए इस साल कार्तिक पूर्णिमा कब मनाई जाएगी और क्या इस दिन तुलसी विवाह कर सकते हैं।

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Kartik Purnima 2024 Date

Kartik Purnima Par Tulsi Vivah: कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस पूर्णिमा पर भगवान शिव ने राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था। इसके अलावा इस दिन भगवान विष्णु का मत्स्यावतार भी हुआ था। इस दिन गंगा स्नान के बाद दीप-दान का विशेष महत्व होता है। चलिए आपको बताते इस साल कार्तिक पूर्णिमा कब है और क्या इस दिन तुलसी विवाह कर सकते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा कब है 2024 (Kartik Purnima 2024 Date And Time)

कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर 2024, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन चंद्रोदय समय शाम 4 बजकर 34 मिनट का है। पूर्णिमा तिथि 15 नवम्बर 2024 की सुबह 06:19 से देर रात 02:58 बजे तक रहेगी।

कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी विवाह कर सकते हैं? (Kartik Purnima Par Tulsi Vivah Kar Sakte Hain)

जी हां, कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी-विवाह किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार, तुलसी विवाह उत्सव कार्तिक माह की एकादशी से लेकर पूर्णिमा तक चलता है। ऐसे में जो लोग कार्तिक शुक्ल एकादशी या द्वादशी पर तुलसी विवाह किसी कारण नहीं करा पाएं हैं वो ये कार्य कार्तिक पूर्णिमा पर भी कर सकते हैं।

कार्तिक पूर्णिमा पर भीष्म पंचक का समापन

कार्तिक पूर्णिमा पर भीष्म पंचक का समापन भी हो जाता है। भीष्म पञ्चक को कई जगह विष्णु पञ्चक के नाम से भी जाना जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं अवश्य पूरी होती है। इस दिन गंगा स्नान, दान, हवन, यज्ञ और उपासना का विशेष महत्व होता है। यही वजह है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन कई लोग गंगा नदी में स्नान करने के लिए पहुंचते हैं।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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