Kark Rashi Rashifal October 2023 (Cancer October Horoscope 2023) Kark Rashi 2023 October Rashifal Kaisa Rahega in Hindi: कर्क राशि का स्वामी चन्द्रमा होता है। इस राशि के जातक राजनीति में बहुत उच्च पदों को प्राप्त करते हैं। बड़े प्रशासनिक अधिकारी बनते हैं। देश विदेश में उच्च प्रबंधकीय पदों को सुशोभित करते हैं। इस राशि के जातक बहुत सफल व्यवसायी होते हैं। न्यायिक सेवा में बड़े पदों को प्राप्त करते हैं। मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु तथा मीन इनकी मित्र राशियां हैं। इस राशि का मुख्य रत्न है मोती। जानिए कर्क राशि वालों के लिए कैसा रहेगा अक्टूबर का महीना।
Cancer Horoscope October 2023 In Hindi
कर्क राशि स्वास्थ्य राशिफल अक्टूबर 2023
हेल्थ में थोड़ी प्राब्लम रहेगी। 09 अक्टूबर बाद समय अच्छा रहेगा। बीपी तथा श्वास के रोगी सावधानी बरतेंगे। स्किन तथा कफ सम्बंधित रोग की संभावना है।
कर्क राशि करियर राशिफल अक्टूबर 2023
इस माह आप अपने जॉब में उन्नति करेंगे। बैंकिंग, टीचिंग, मीडिया व आईटी से जुड़े लोग लाभान्वित होंगे। 07 से 16 अक्टूबर के बीच प्रमोशन या जॉब चेंज की संभावना है। व्यवसाय में उत्थान है। इस माह 15 तारीख के बाद विदेश जाने की संभावना रहेगी। जॉब के हिसाब से यह माह बहुत ही अच्छा रहेगा। आर्थिक प्रगति से प्रसन्न रहेंगे। उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
कर्क राशि लव राशिफल अक्टूबर 2023
लव लाइफ बेहतर रहेगा। इस माह आपका दाम्पत्य जीवन बहुत अच्छा रहेगा। लव लाइफ शानदार रहेगी। 08 अक्टूबर तक जीवन साथी का स्वास्थ्य खराब हो सकता है। लव लाइफ सकारात्मक मोड़ लेगी। युवाओं के लिए प्रेम विवाह का अच्छा समय है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।
कर्क राशि आर्थिक राशिफल अक्टूबर 2023
इस माह आपकी आर्थिक स्थिति मध्यम रहेगी। गृह निर्माण व व्यय की अधिकता रहेगी तथा 14 अक्टूबर के बाद स्थिति लाभप्रद रहेगी। 21 अक्टूबर तक कोई मकान या जमीन क्रय कर सकते हैं। आप धन का बहुत सुंदर निवेश रियल स्टेट व म्यूच्यूअल फंड में करेंगे।
कर्क राशि अक्टूबर 2023 शुभ समय
09 से 15 फिर 23 से 29 अक्टूबर तक का समय बहुत अच्छा है। यह माह आर्थिक व संतान की प्रगति के लिए बेहतर रहना चाहिए।
कर्क राशि अक्टूबर 2023 उपाय
प्रत्येक सोमवार को व्रत रहें। भगवान शिव की पूजा करते रहें। चन्द्रमा राशि स्वामी है। चन्द्रमा व गुरु के बीज मंत्र का जप करें। हर सोमवार को चावल का दान करें। शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक करें। महामृत्युंजय मंत्र का नित्य जप करें। माता पिता के शुभ आशीर्वाद प्रतिदिन प्राप्त करते रहें। पूर्णिमा की रात्रि में हवन करें।
