अध्यात्म

Kamika Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी व्रत कथा, यहां पढ़ें ठाकुर और ब्राह्मण की कहानी

Kamika Ekadashi Vrat Katha in Hindi: कामिका एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। इस व्रत को करने से हर तरह के पाप से मुक्ति मिलती है। माना जाता है कि कामिका एकादशी के दिन पूजा के बाद कथा पढ़ने से मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है और जीवन की हर परेशानी से मुक्ति मिलती है।

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कामिका एकादशी व्रत कथा (Photo Source: Canva)

Kamika Ekadashi Vrat Katha in Hindi: सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्व है। सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी कहते हैं। इस दिन श्री हरि की पूजा के साथ व्रत भी रखा जाता है। इस साल कामिका एकादशी आज यानी 21 जुलाई को है। इस दिन पूजा पाठ और व्रत के साथ कथा भी पढ़ी जाती है। कहते हैं कि कामिका एकादशी की कथा खुद भगवान कृष्ण ने युधिष्ठिर को सुनाई थी। ये कथा सुनना और पढ़ना बेहद शुभ माना जाता है। यहां से आप कामिका एकादशी की कथा पढ़ सकतें हैं।

कामिका एकादशी की कथा-

कामिका एकादशी की पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर को सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का महत्व और कथा बताई थी। उन्होंने कहा किसी गांव में एक ठाकुर और एक ब्राह्मण रहते थे। दोनों ही एक-दूसरे से बिल्कुल नहीं बनती थी। एक दिन ठाकुर और ब्राह्मण का झगड़ा हो गया और गुस्से में आकर ठाकुर ने ब्राह्मण की हत्या कर दी। ब्रह्म हत्या के पाप से दुखी होकर ठाकुर ने ब्राह्मण का अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। लेकिन दूसरे ब्राह्मणों ने उसे ऐसा नहीं करने दिया। ब्रह्म हत्या का दोषी होने के कारण ब्राह्मणों ने उसके यहां भोजन करने से मना कर दिया। तब दुखी होकर ठाकुर पाप से मुक्त होने के लिए एक ऋषि के पास गया। उसने पूछा हे ऋषि मैंने एक ब्राह्मण की हत्या कर दी है। इस हत्या के पाप से मुक्त होने के लिए मुझे क्या करना पड़ेगा।

तब ऋषि कहे, हे राजन तुम्हें एक ही व्रत इस पाप से मुक्त करा सकता है। वह कामिका एकादशी व्रत है। तब ऋषि की आज्ञा मानकर ठाकुर ने कामिका एकादशी व्रत करना शुरू कर दिया। ठाकुर के व्रत से प्रसन्न होकर भगवान उसे दर्शन दिए और कहा कि तुम्हारे पापों का प्रायश्चित हो गया है। अब तुम ब्राह्मण की हत्या से मुक्त हो चुके हो।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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