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Chaitra Navratri kalash Sthpana Puja Vidhi: चैत्र नवरात्रि के पहले दिन घर पर कैसे करें घटस्थापना, नोट करें चैत्र नवरात्री कलश स्थापना विधि

Chaitra Navratri kalash Sthpana Puja Vidhi (चैत्र नवरात्री कलश स्थापना विधि घर पर): नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। जिसके लिए शुभ मुहूर्त देखा जाता है। यहां आप जानेंगे नवरात्रि कलश स्थापना की पूजा विधि, पूजा सामग्री, शुभ मुहूर्त और नियम।

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चैत्र नवरात्रि घट स्थापना विधि (pc: canva)

Chaitra Navratri kalash Sthpana Puja Vidhi (चैत्र नवरात्री कलश स्थापना विधि घर पर): चैत्र नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना या कलश स्थापना का विशेष महत्व माना गया है। इसके द्वारा देवी दुर्गा का आह्वान कर उन्हें अपने घर में आमंत्रित किया जाता है। अगर आप इसके लिए सही विधि और नियमों का पालन करते हैं, तो इससे नवरात्र पूजन का पूरा लाभ मिलता है। चलिए जानते हैं इसकी सही विधि।

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना पूजा सामग्री (Chaitra Navratri Ghat Sthapana Puja Samagri)-

  • लाल रंग का साफ वस्त्र
  • मिट्टी का बर्तन
  • जौ
  • मिट्टी
  • रोली
  • सुपारी
  • चावल
  • सिक्के
  • अशोक या आम के पांच पत्ते
  • नारियल
  • चुनरी
  • जल का कलश
  • इलायची
  • लौंग
  • कपूर
  • मौली
  • माता के श्रृंगार का समान
  • सिंदूर
  • फल
  • फूलों की माला

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना विधि (Chaitra Navratri Ghat Sthapana Vidhi)-

  • घटस्थापना से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
  • फिर मंदिर की साफ सफाई करें और भगवान गणेश का नाम लेकर पूजन शुरू करें।
  • मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योति जलाएं।
  • ध्यान रखें कि अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो वो पूरे 9 दिनों तक जलती रहनी चाहिए।
  • इसके बाद एक मिट्टी का बर्तन लें और उसमें मिट्टी डालें। फिर जौ डालें।
  • इसके बाद तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। उसके ऊपर मौली बांध दें।
  • फिर लोटे में पानी भर लें साथ में थोड़ा गंगाजल मिला लें।
  • इसके बाद लोटे में सवा रुपया, दूब, सुपारी, इत्र, और अक्षत यानी साबुत चावल भी डालें।
  • इसके बाद कलश में अशोक या आम के पत्ते सजा लें।
  • फिर नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर उस पर मौली बांध दें और इसे कलश के ऊपर रख दें।
  • अब कलश को उस मिट्टी के बर्तन के बीचों बीच रख दें जिसमें आपने जौ बोया है।
  • इस तरह से कलश स्थापना की विधि पूरी हो जाएगी।

चैत्र नवरात्रि घटस्थापना मंत्र (Chaitra Navratri Ghatsthapana Mantra)-

- कलश स्थापना मंत्र:

ओम आ जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशन्त्विन्दव:। पुनरूर्जा नि वर्तस्व सा नः सहस्रं धुक्ष्वोरुधारा पयस्वती पुनर्मा विशतादयिः।। (कलश पर फूल चढ़ाते हुए)

- गणेश जी और वरुण देव का आह्वान:

ओम तत्त्वा यामि ब्रह्मणा वन्दमानस्तदा शास्ते यजमानो हविर्भिः। अहेडमानो वरुणेह बोध्युरुश ग्वंग स मा न आयुः प्र मोषीः। अस्मिन् कलशे वरुणं साङ्गं सपरिवारं सायुधं सशक्तिकमावाहयामि। (कलश में देवी-देवताओं को बुलाने के लिए)

- मां शैलपुत्री (प्रथम दिन) बीज मंत्र: ॐ ह्रीं शिवायै नमः।

- दुर्गा सप्तशती का मंत्र: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।

कलश स्थापना के नियम (Kalash Sthapana Ke Niyam)-

सबसे पहले तो इस बात का ध्यान रखें कि नवरात्रि में घट स्थापना शुभ मुहूर्त देखकर ही की जानी चाहिए। रात में और अमावस्या के दिन घट स्थापना बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। गलत समय पर घटस्थापना करने से अशुभ फल प्राप्त हो सकते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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