अध्यात्म

Kaal Bhairav Jayanti Upay: काल भैरव जयंती के दिन करें ये खास उपाय, हर कष्ट से मिलेगी मुक्ति

Kaal Bhairav Jayanti Upay: काल भैरव जयंती के दिन भगवान शिव के पांचवे रुद्रावतार बाबा काल भैरव की पूजा की जाती है। इनकी जयंती के दिन कुछ अचूक उपायों को करने से साधक को हर कष्ट से मु्क्ति मिल जाती है। आइए जानते हैं इस दिन किन उपायों को करना चाहिए।

Image

Kaal Bhairav Jayanti Upay

Kaal Bhairav Jayanti Upay: काल भैरव जयंती हर महीने की मार्गशीर्ष महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस साल काल भैरव जयंती 22 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा। इस दिन काल भैरव जी की विधि- विधान के साथ पूजा की जाती है। भगवान काल भैरव भगवान भोलेनाथ के पांचवे रुद्रावतार माने जाते हैं। भगवान काल भैरव की पूजा करने से भय, रोग, दोष से छुटकारा प्राप्त होता है। इसके साथ ही हर प्रकार की संकट भी दूर होते हैं। नेगेटिविटी को दूर करने के लिए काल भैरव जयंती के दिन कुछ खास उपायों को करना उत्तम होता है। आइए जानते हैं इस दिन किन उपायों को करना चाहिए।

Kaal Bhairav Jayanti Upay (काल भैरव जयंती उपाय)

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए

यदि आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है तो आप काल भैरव जयंती के दिन काल भैरव भगवान को नींबू की माला बनाकर अर्पित करना चाहिए। ऐसा करने से काल सर्प दोष से मुक्ति मिलती है।

भूत-प्रेत मुक्ति के लिए

काल भैरव जयंती के दिन काल भैरवाष्टक का पाठ करना चाहिए और इस दिन कुत्तों को भोजन भी करवाना चाहिए। ऐसा करने से भूत प्रेत के भय से मुक्ति मिलती है।

धन की समस्या से मुक्ति के लिए

यदि आप धन की समस्या से परेशान हैं तो आप काल भैरव जयंती के दिन रात के 12 बजे ॐ श्री बम् बटुक भैरवाय नमः।। मंत्र का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से आपको धन की समस्या से जल्दी मुक्ति मिल जाएगी।

संतान की तरक्की के लिए

काल भैरव जयंती के दिन आज के दिन एक मुट्ठी उड़द लेकर, भैरव बाबा का ध्यान करना चाहिए। उसके बाद उसे अपने बच्चे के सिर पर सात बार वार करके बहते हुए पानी में प्रवाहित करना चाहिए। ऐसा करने से संतान की तरक्की में आ रही सारी बाधा दूर हो जाएगी।

आर्थिक रूप से लाभ के लिए

आर्थिक रूप से लाभ की प्राप्ति के लिए काल भैरव जयंती के दिन काल भैरव जी की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही इस दिन काल भैरव को जलेबी का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से धन की प्राप्ति होती है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

और पढ़ें
End of Article