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Margashirsha Pradosh Vrat 2024: मार्गशीर्ष महीने में कब- कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत, जानिए तिथि और महत्व

Margashirsha Pradosh Vrat 2024: मार्गशीर्ष के महीने में दो प्रदोष व्रत रखा जाएगा। प्रदोष व्रत के दिन भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा की जाती है। आइए जानते हैं मार्गशीर्ष के महीने में प्रदोष व्रत कब- कब रखा जाएगा।

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Margashirsha Pradosh Vrat 2024

Margashirsha Pradosh Vrat 2024: हर महीने में दो प्रदोष व्रत रखे जाते हैं। जिसमें से एक प्रदोष व्रत शुक्ल पक्ष में और दूसरा कृष्ण पक्ष में रखा जाता है। प्रदोष का व्रत शिव जी की पूजा को समर्पित होता है। इस दिन पूरे विधि- विधान के साथ भगवान शंकर की पूजा की जाती है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में ही की जाती है। प्रदोष का व्रत रखने से साधक के सारी मनोकामना की पूर्ति होती है और सारे संकट का नाश होता है। मार्गशीर्ष महीने में भी दो प्रदोष व्रत रखे जाएंगे। ऐसे में आइए जानते हैं कि मार्गशीर्ष के महीने में प्रदोष व्रत कब- कब रखा जाएगा।

Margashirsha Pradosh Vrat 2024 (मार्गशीर्ष मास प्रदोष व्रत डेट 2024)

Margashirsha Month First Pradosh Vrat (मार्गशीर्ष मास पहला प्रदोष व्रत 2024)

मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मार्गशीर्ष महीने का पहला प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ये व्रत इस महीने में 28 नवंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन गुरुवार रहेगा, इसलिए ये गुरु प्रदोष व्रत कहलाएगा।

Margashirsha Month First Pradosh Vrat Shubh Muhurat (मार्गशीर्ष मास प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त 2024)

मार्गशीर्ष मास का पहला प्रदोष व्रत 28 नवंबर 2024 को रखा जाएगा। इस दिन शिव जी की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम के 5 बजकर 24 मिनट से लेकर 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

Margashirsha Month Second Pradosh Vrat Date (मार्गशीर्ष महीने का दूसरा प्रदोष व्रत कब है 2024)

मार्गशीर्ष महीने की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन मार्गशीर्ष मास का दूसरा प्रदोष व्रत रखा जाएगा। ये व्रत13 दिसंबर 2024 को रखा जाएगा।

Margashirsha Month Second Pradosh Vrat Shubh Muhurat (मार्गशीर्ष महीने का दूसरा प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त 2024)

मार्गशीर्ष महीने का दूसरा प्रदोष व्रत 13 दिसंबर को रखा जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 26 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है।

Margashirsha Pradosh Vrat Importance (मार्गशीर्ष महीने के प्रदोष व्रत का महत्व)

मार्गशीर्ष महीने के प्रदोष व्रत का शास्त्रों में खास महत्व है। प्रदोष व्रत के दिन शिव जी की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है। इस व्रत को करने साधक को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही संतान की तरक्की के लिए भी ये व्रत बहुत ही उत्तम माना जाता है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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