Devguru Brihaspati Gochar 2026: देवगुरु बृहस्पति को वैदिक ज्योतिष शास्त्र में एक शुभ और कल्याणकारी ग्रह माना गया है, जिन्हें नवग्रहों में 'गुरु' का दर्जा भी प्राप्त है। गुरु का समय-समय पर राशि और नक्षत्र गोचर होता है, जिसके कारण सभी 12 राशियों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। खासतौर पर व्यक्ति के ज्ञान, भाग्य, संतान, शादी, उच्च शिक्षा, धर्म, धन और समृद्धि आदि पहलुओं में परिवर्तन देखने को मिलता है। वहीं, 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को आठवां स्थान प्राप्त है, जिसके स्वामी शनि महाराज हैं। आज यहां पर आप जानेंगे कि देवगुरु बृहस्पति का ये गोचर किस समय हुआ है और इसके साथ ही किन 3 राशियों का सकारात्मक समय शुरू हो गया है।
देवगुरु बृहस्पति के नक्षत्र गोचर का समय
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, एक दिन पहले 19 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति ग्रह का पुष्य नक्षत्र के तृतीय पद में गोचर हुआ है। ये गोचर देर रात 9 बजकर 43 मिनट पर हुआ है। अब पुष्य नक्षत्र के तृतीय पद में देवगुरु बृहस्पति 3 अगस्त 2026 तक रहेंगे। बता दें कि इससे पहले देवगुरु बृहस्पति पुष्य नक्षत्र के द्वितीय पद में संचार कर रहे थे।
किन 3 राशियों के लिए शुभ रहा देवगुरु बृहस्पति का गोचर करना?
- मेष राशि
- कन्या राशि
- मीन राशि
देवगुरु बृहस्पति के गोचर से प्रभावित राशियों का राशिफल
- मेष राशि
- कन्या राशि
- मीन राशि
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
