अध्यात्म

मनुष्य का सबसे बड़ा धन क्या है...जया किशोरी की इन बातों में छिपी है जीवन की बड़ी सीख

Jaya Kishori Ke Pravachan: मनुष्य आज के समय में पैसों की ही अपना सबसे बड़ा धन मानते हैं। लेकिन अगर पैसा आ भी जाए तो भी उसे कहीं सुख-चैन नहीं मिल पाता। ना जाने ऐसे कितने ही इंसान है जो पैसा होने के बाद भी दुखी रहते हैं। तो ऐसे में क्या है मनुष्य का सबसे बड़ा धन? इस पर जया किशोरी ने एक महत्वपूर्ण बात बताई है।

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Jaya Kishori Ke Pravachan

Jaya Kishori Ke Pravachan (जया किशोरी के प्रवचन): आध्यात्मिक वक्ता और भजन गायिका जया किशोरी के मोटिवेशनल वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते रहते हैं। जिन्हें देखने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसी तरह के एक वीडियो में जया किशोरी ने जीवन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें बताई हैं जिन्हें अपनाने से किसी भी व्यक्ति का जीवन बदल जाएगा।

जया किशोरी के प्रवचन

Jaya Kishori quotes

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जया किशोरी कहती हैं कि मनुष्य का सबसे बड़ा धन उसकी शांति है। इस विचार से हमें ये सीख मिलती है कि पैसे और संपत्ति इंसान को सुख-शांति नहीं दे सकती। इंसान वही सुखी है जिसका मन शांत है।

Jaya Kishori quotes in hindi

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इसके अलावा जया किशोरी कहती हैं कि खुश रहने के लिए किसी बड़े कारण की जरूरत नहीं होती। बस जरूरत होती है खुद पर विश्वास रखने की। तात्पर्य हमें हर छोटी-छोटी चीजों में ही खुशी ढूंढने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए किसी बड़ी चीज होने का इंतजार करने की क्या जरूरत।

Jaya Kishori vichar

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जया किशोरी कहती हैं कि हमें सच्चे खुशी तब मिलती है जब हम दूसरों के लिए कुछ अच्छा करने की सोचते हैं। ये सच ही है इंसान अपने लिए चाहे कितना ही कुछ क्यों न कर लें लेकिन उसे असली खुशी तब ही मिलती है जब वो किसी दूसरे का भला करता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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