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January Varad Chaturthi 2025 Date: इस दिन रखा जाएगा जनवरी में वरद चतुर्थी का व्रत, जानिए तिथि, पूजा विधि और महत्व

January Varad Chaturthi 2025 Date: हिंदू धर्म में हर मास की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा को समर्पित मानी जाती है। इस दिन बप्पा की पूजा से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं जनवरी में वरद चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा।

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January Varad Chaturthi 2025 Date

January Varad Chaturthi 2025 Date: वरद चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा- अर्चना की जाती है। वरद चतुर्थी का व्रत हर महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। चतुर्थी तिथि के दिन व्रत रखने से और पूरे विधि-विधान के साथ गणेश जी की पूजा करने से साधक को उत्तम फल की प्राप्ति होती है। ऐसा माना जाता है कि वरद चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन में आ रही सारी बाधा का नाश होता है और साधक के सारे बिगड़े काम बन जाते हैं। आइए जानें कि वरद चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा।

January Varad Chaturthi 2025 Date (वरद चतुर्थी डेट 2025)

वरद चतुर्थी का व्रत हर मास में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के दिन रखा जाता है। जनवरी के महीने में इस तिथि की शुरुआत 03 जनवरी को देर रात 01 बजकर 08 मिनट पर होगी और इसका समापन 03 जनवरी को रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा। ऐसे में जनवरी के महीने में वरद चतुर्थी का व्रत 3 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।

January Varad Chaturthi 2025 Puja Shubh Muhurat (जनवरी वरद चतुर्थी शुभ मुहूर्त 2025)

वरद चतुर्थी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक रहने वाला है। इस मुहूर्त में आप स्नान कर सकते हैं। इसके बाद गोधूलि मुहूर्त शाम 05 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट तक रहने वाला है। इस समय में पूजा करना शुभ होगा।

January Varad Chaturthi Puja Vidhi (वरद चतुर्थी पूजा विधि)

वरद चतुर्थी के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लें। उसके बाद भगवान सूर्य देवता को जल अर्पित करें। घर के मंदिर की साफ सफाई करने के बाद गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करें। इस दिन भगवान गणेश को मोदक, दूर्वा, हल्दी जरूर अर्पित करें। पूजा करने के बाद कथा का पाठ करें। कथा के बाद मंत्र जाप करें और आरती करें। अंत में गणपति जी को भोग लगाएं और प्रसाद सब में वितरित करें।

January Varad Chaturthi Mahatav (वरद चतुर्थी महत्व)

वरद चतुर्थी के दिन भगवान विघ्नहर्ता गणेश जी की पूजा- अर्चना की जाती है। भगवान गणपति की पूजा करने से साधक जीवन से सारे विघ्नों का नाश होता है। वरद चतुर्थी का व्रत धन संबंधी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भी किया जाता है। इस व्रत को करने से परिवार में सुख, समृद्धि आती है और जातक की बुद्धि का भी विकास होता है।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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