अध्यात्म

Aaj Ka Panchang 29 December 2024: पंचांग से जानिए पौष महीने की चतुर्दशी तिथि के दिन क्या होगा पूजा का मुहूर्त और राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 29 December 2024 (आज का पंचांग 29 दिसंबर 2024): पौष मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन सूर्योदय सुबह 07:09 पर होगा। आज के दिन 11:23 pm तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहने वाला है। आइए अब जानें पूरा पंचांग।

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang 29 December 2024 (आज का पंचांग 29 दिसंबर 2024): परम पवित्र पौष माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। आज रविवार है। सूर्य उपासना का पावन व्रत रहें। यह व्रत बहुत ही पुण्यदायी व पाप का नाश करता है। रविवार को अदित्यह्र्दयस्तोत्र के 03 पाठ का बहुत महत्व है। अन्न दान करें। भगवान शिव परम ब्रम्ह हैं।वह पालनकर्ता व कल्याणकारी हैं। भोलेनाथ जी के नाम का मानसिक जप करें। आज गंगा स्नान करें। पौष माह में शंकर जी की उपासना बहुत ही पुण्यदायी है।शिव पुराण के पाठ से धन आगमन व शुभता का आगमन होता है,पुण्य की प्राप्ति होती है। पौष माह में कम्बल व ऊनी वस्त्रों के दान करने से मनोवांछित फल मिलते हैं। गंगा स्नान व दान पुण्य करने से सभी पाप नष्ट होते हैं व आपका प्रगति मार्ग प्रशस्त होता है ।प्रातःकाल शिव मन्दिर जाएं फिर प्रदोष की तरह आज भी सायंकाल प्रदोष काल में भगवान शिवलिंग का जलाभिषेक करें। दान -पुण्य करें।गुड़ का दान करें।रविवार को सूर्य के बीज मन्त्र के जप से ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। अब जानिए पूरा पंचांग।

Aaj Ka Panchang 29 December 2024 (आज का पंचांग 29 दिसंबर 2024)

संवत-पिङ्गला विक्रम संवत 2081

माह-पौष, कृष्ण पक्ष,पर्व - चतुर्दशी,,व्रत -रविवार व्रत।

तिथि- चतुर्दशी

दिवस -रविवार

सूर्योदय-07:09am

सूर्यास्त-05:25pm

नक्षत्र- ज्येष्ठा 11:23 pm तक फिर मूल

चन्द्र राशि -वृश्चिक। स्वामी ग्रह -मङ्गल 11:23 pm तक फिर धनु,स्वामी ग्रह -गुरु

सूर्य राशि- धनु,स्वामी ग्रह-बृहस्पति

करण-विष्टि 03:51 pm तक फिर शकुनि

योग- गण्ड 09:43 pm तक फिर वृद्धि

शुभ मुहूर्त

1अभिजीत-12:03 pm से 12:45 pm तक

2विजय मुहूर्त-02:27ल5pm से 03:29pm तक

3गोधुली मुहूर्त-06:22pm से 07:23pm तक

4 ब्रम्ह मुहूर्त-4:07m से 05:07am तक

5अमृत काल-06:07am से 07:45am तक

6निशीथ काल मुहूर्त-रात्रि 11:45से 12:29तक रात

संध्या पूजन-06:23 pm से 07:09pm तक

दिशा शूल-पश्चिम दिशा।इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं,यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।

अशुभ मुहूर्त

राहुकाल-सायंकाल 04:30 बजे से 06 बजे तक रहेगा

क्या न करें- सूर्य पिता का कारक ग्रह है। पिता की किसी भी बात की अवज्ञा मत करें।

Sujeet jee Maharaj
सुजीत जी महाराजauthor

सुजीत जी महाराज ज्योतिष और वास्तु विज्ञान एक्सपर्ट हैं जिन्हें 20 वर्षों का ज्योतिष, तंत्र विज्ञान का अनुभव हासिल हैं। 25000 से ऊपर लेख देश के कई बड़े पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं और कई बड़े पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं जिसमें ,एक अमेरिका के संस्था से भी प्राप्त है। यह गणित के साथ फलित ज्योतिष पर भी पकड़ रखते हैं और ज्योतिष के क्षेत्र में इन्हें कई सम्मान मिल चुके हैं।

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