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Jain Festival Calendar 2026: श्री जितेन्द्र रथ यात्रा से महावीर जयंती तक, जानें किस दिन पड़ेंगे कौन से त्योहार, देखें जैन फेस्टिवल कैलेंडर 2026

Jain Festival Calendar 2026: जैन धर्म के त्योहार आत्मशुद्धि, संयम, तप, अहिंसा और क्षमा पर केंद्रित होते हैं और इनमें दिखावे या भोग-विलास से अधिक आत्मिक साधना का महत्व होता है। साल 2026 में जैन धर्म के त्योहार कब-कब यानी किस तारीख पर हैं, इसकी सारी जानकारी आप यहां से ले सकते हैं।

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जैन फेस्टिवल कैलेंडर 2026 (pic credit: canva)

Jain Festival Calendar 2026: जैन धर्म भारत के प्राचीन धर्मों में से एक है, जो अहिंसा, आत्मसंयम और सत्य पर आधारित जीवन-दर्शन सिखाता है। यह मानता है कि प्रत्येक जीव में आत्मा होती है और किसी भी प्रकार की हिंसा कर्मों के बंधन को बढ़ाती है, जिससे जन्म-मरण का चक्र चलता रहता है। 24 तीर्थंकरों, विशेष रूप से भगवान महावीर, ने मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया, जिसमें सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण का विशेष महत्व है। जैन दर्शन में अनेकांतवाद और अपरिग्रह प्रमुख सिद्धांत हैं, तथा इसके दो मुख्य संप्रदाय दिगंबर और श्वेतांबर हैं, जो आज भी शांति, करुणा और नैतिक जीवन का संदेश देते हैं।

जैन व्रत त्योहार कैलेंडर 2026-

तारीखव्रत त्योहार के नाम
15 जनवरी 2026शीतलनाथ जन्म तप
16 जनवरी 2026मेरु त्रयोदशी
16 जनवरी 2026आदिनाथ निर्वाण कल्याणक
17 जनवरी 2026ऋषभदेव मोक्ष
22 जनवरी 2026दशलक्षण (3/3) प्रारंभ
25 जनवरी 2026मर्यादा महोत्सव
31 जनवरी 2026श्री जितेन्द्र रथ यात्रा
31 जनवरी 2026दशलक्षण (3/3) समाप्त
24 फरवरी 2026अष्टान्हिका (3/3) प्रारंभ
03 मार्च 2026अष्टान्हिका (मार्च) समाप्त
22 मार्च 2026दशलक्षण (मार्च) प्रारंभ
25 मार्च 2026आयंबिल ओली प्रारंभ
31 मार्च 2026दशलक्षण (मार्च) समाप्त
02 अप्रैल 2026आयंबिल ओली समाप्ति
26 अप्रैल 2026श्री महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान दिवस
02 मई 2026ज्येष्ठ जिनवर व्रत प्रारंभ
14 मई 2026श्री अनंतनाथ जन्म तप
29 जून 2026ज्येष्ठ जिनवर व्रत समाप्त
21 जुलाई 2026अष्टान्हिका (1/3) प्रारंभ
28 जुलाई 2026चौमासी चौदस
29 जुलाई 2026अष्टान्हिका (1/3) समाप्त
19 अगस्त 2026पार्श्वनाथ मोक्ष
12 सितंबर 2026कल्पसूत्र पाठ
12 सितंबर 2026संवत्सरी पर्व
13 सितंबर 2026तैलधर तप
15 सितंबर 2026दशलक्षण (2/3) प्रारंभ
16 सितंबर 2026क्षमावाणी पर्व
25 सितंबर 2026दशलक्षण (2/3) समाप्त
16 अक्टूबर 2026आयंबिल ओली प्रारंभ
26 अक्टूबर 2026आयंबिल ओली समाप्त
07 नवंबर 2026श्री पद्म प्रभु जन्म तप
09 नवंबर 2026महावीर निर्वाण
14 नवंबर 2026ज्ञान पंचमी / सौभाग्य पंचमी
17 नवंबर 2026अष्टान्हिका (2/3) प्रारंभ
24 नवंबर 2026अष्टान्हिका (2/3) समाप्त
03 दिसंबर 2026महावीर स्वामी दीक्षा
20 दिसंबर 2026मौनी एकादशी

जैन धर्म का महत्व-

जैन धर्म मानव को आत्मशुद्धि और आत्मबोध का मार्ग दिखाता है। अहिंसा का सिद्धांत सभी जीवों के प्रति करुणा और सम्मान सिखाता है। संयम और तप से मनुष्य कर्मबंधन से मुक्त होने की दिशा में बढ़ता है। अपरिग्रह जीवन को सरल, शांत और संतुलित बनाता है। अनेकांतवाद सहिष्णुता और व्यापक दृष्टि का विकास करता है। जैन धर्म मोक्ष प्राप्ति द्वारा शाश्वत शांति का संदेश देता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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