Jain Festival Calendar 2026: श्री जितेन्द्र रथ यात्रा से महावीर जयंती तक, जानें किस दिन पड़ेंगे कौन से त्योहार, देखें जैन फेस्टिवल कैलेंडर 2026
- Authored by: Srishti
- Updated Jan 2, 2026, 09:09 AM IST
Jain Festival Calendar 2026: जैन धर्म के त्योहार आत्मशुद्धि, संयम, तप, अहिंसा और क्षमा पर केंद्रित होते हैं और इनमें दिखावे या भोग-विलास से अधिक आत्मिक साधना का महत्व होता है। साल 2026 में जैन धर्म के त्योहार कब-कब यानी किस तारीख पर हैं, इसकी सारी जानकारी आप यहां से ले सकते हैं।
जैन फेस्टिवल कैलेंडर 2026 (pic credit: canva)
Jain Festival Calendar 2026: जैन धर्म भारत के प्राचीन धर्मों में से एक है, जो अहिंसा, आत्मसंयम और सत्य पर आधारित जीवन-दर्शन सिखाता है। यह मानता है कि प्रत्येक जीव में आत्मा होती है और किसी भी प्रकार की हिंसा कर्मों के बंधन को बढ़ाती है, जिससे जन्म-मरण का चक्र चलता रहता है। 24 तीर्थंकरों, विशेष रूप से भगवान महावीर, ने मोक्ष प्राप्ति का मार्ग बताया, जिसमें सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण का विशेष महत्व है। जैन दर्शन में अनेकांतवाद और अपरिग्रह प्रमुख सिद्धांत हैं, तथा इसके दो मुख्य संप्रदाय दिगंबर और श्वेतांबर हैं, जो आज भी शांति, करुणा और नैतिक जीवन का संदेश देते हैं।
जैन व्रत त्योहार कैलेंडर 2026-
| तारीख | व्रत त्योहार के नाम |
| 15 जनवरी 2026 | शीतलनाथ जन्म तप |
| 16 जनवरी 2026 | मेरु त्रयोदशी |
| 16 जनवरी 2026 | आदिनाथ निर्वाण कल्याणक |
| 17 जनवरी 2026 | ऋषभदेव मोक्ष |
| 22 जनवरी 2026 | दशलक्षण (3/3) प्रारंभ |
| 25 जनवरी 2026 | मर्यादा महोत्सव |
| 31 जनवरी 2026 | श्री जितेन्द्र रथ यात्रा |
| 31 जनवरी 2026 | दशलक्षण (3/3) समाप्त |
| 24 फरवरी 2026 | अष्टान्हिका (3/3) प्रारंभ |
| 03 मार्च 2026 | अष्टान्हिका (मार्च) समाप्त |
| 22 मार्च 2026 | दशलक्षण (मार्च) प्रारंभ |
| 25 मार्च 2026 | आयंबिल ओली प्रारंभ |
| 31 मार्च 2026 | दशलक्षण (मार्च) समाप्त |
| 02 अप्रैल 2026 | आयंबिल ओली समाप्ति |
| 26 अप्रैल 2026 | श्री महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान दिवस |
| 02 मई 2026 | ज्येष्ठ जिनवर व्रत प्रारंभ |
| 14 मई 2026 | श्री अनंतनाथ जन्म तप |
| 29 जून 2026 | ज्येष्ठ जिनवर व्रत समाप्त |
| 21 जुलाई 2026 | अष्टान्हिका (1/3) प्रारंभ |
| 28 जुलाई 2026 | चौमासी चौदस |
| 29 जुलाई 2026 | अष्टान्हिका (1/3) समाप्त |
| 19 अगस्त 2026 | पार्श्वनाथ मोक्ष |
| 12 सितंबर 2026 | कल्पसूत्र पाठ |
| 12 सितंबर 2026 | संवत्सरी पर्व |
| 13 सितंबर 2026 | तैलधर तप |
| 15 सितंबर 2026 | दशलक्षण (2/3) प्रारंभ |
| 16 सितंबर 2026 | क्षमावाणी पर्व |
| 25 सितंबर 2026 | दशलक्षण (2/3) समाप्त |
| 16 अक्टूबर 2026 | आयंबिल ओली प्रारंभ |
| 26 अक्टूबर 2026 | आयंबिल ओली समाप्त |
| 07 नवंबर 2026 | श्री पद्म प्रभु जन्म तप |
| 09 नवंबर 2026 | महावीर निर्वाण |
| 14 नवंबर 2026 | ज्ञान पंचमी / सौभाग्य पंचमी |
| 17 नवंबर 2026 | अष्टान्हिका (2/3) प्रारंभ |
| 24 नवंबर 2026 | अष्टान्हिका (2/3) समाप्त |
| 03 दिसंबर 2026 | महावीर स्वामी दीक्षा |
| 20 दिसंबर 2026 | मौनी एकादशी |
जैन धर्म का महत्व-
जैन धर्म मानव को आत्मशुद्धि और आत्मबोध का मार्ग दिखाता है। अहिंसा का सिद्धांत सभी जीवों के प्रति करुणा और सम्मान सिखाता है। संयम और तप से मनुष्य कर्मबंधन से मुक्त होने की दिशा में बढ़ता है। अपरिग्रह जीवन को सरल, शांत और संतुलित बनाता है। अनेकांतवाद सहिष्णुता और व्यापक दृष्टि का विकास करता है। जैन धर्म मोक्ष प्राप्ति द्वारा शाश्वत शांति का संदेश देता है।