Mantra Jaap: आदिकाल से हमारे सनातन धर्म में ऋषि मुनी मंत्र साधना और घरेलू उपयोग के आम से मसालों से बड़े से बड़े रोगों का उपचार आसानी कर लेते थे। यह पद्धिति आज के आधुनिक उपचारों के बीच जैसे ये विद्या खाे सी गयी है। पेट संबंधित रोगों का यदि इस पद्धित्ति से उपचार किया जाए तो इसका किसी तरह का साइड इफेक्ट नहीं होता और पाचन संबंधित परेशानी का समाधान बहुत ही जल्द मिल जाता है।
पेट संबंधी व्याधि के लिए सरल उपाय है कि मां पार्वती के मंत्र काे सिद्ध कर लें। साथ ही रसोइ घर की मसालेदानी में रखे एक विशेष मसाले का प्रयोग किया जाए। प्रतिदिन इन उपायों को करने से पेट के रोगों में आराम मिलता है।
करें मां पार्वती के मंत्र का प्रयोग
मां पार्वती हमारे शरीर की आन्तरिक देवी हैं। पेट, अमाशय, आंत आदि से संबंधित रोगों के उपचार के लिए मां पार्वती के मंत्र का सरल सा उपाय प्रतिदिन करना चाहिए। प्रातःकाल उठने के बाद, प्रक्षालन करें, हाथ- पैर मुंह धाेने के बाद पूर्व दिशा में आसन लगाकर बैठ जाएं। 11 बार पां पीं पूं पार्वती नमः मंत्र का जाप करें। इस मंत्र के जाप से पेट संबंधि बहुत सी व्याधियों में राहत मिलती है।
एक पुष्प से करें गैस का उपचार
पेट में गैस के उपचार के लिए किसी भी पुष्प की एक पत्ती लेकर उसकी छोटी सी हाथ से ही गोली बना लें। उस गोली को नाभि में भरकर पूर्व दिशा में बैठकर पां पीं पूं पार्वती पूर्णः शब्द की 11 बार आवृत्ति करने से गैस की परेशानी खत्म हो जाती है।
अपच को करें इस तरह सही
भाेजन के बाद अपच की परेशानी एक आम समस्या है। भाेजन करने के बाद अक्सर लोग एक ही जगह बैठे रहते हैं। या फिर कुछ एेसा खा लेते हैं कि वो सही से पच नहीं पाता है। इसके लिए सूर्योदय के समय उत्तर दिशा में बैठकर एक पात्र में दूसरे पात्र से जल उपर की ओर से डालें। जल डालते हुए 11 बार नमः शिवाय का एक ही आवृत्ति में धीरे धीरे ध्वनि करते जाप करें। ओम की आवृत्ति नहीं लेनी चाहिए। इससे अपच दूर हो जाता है।
कब्ज में इस तरह मिलेगा आराम
कब्ज को पूरी तरह से खत्म करना चाहते हैं तो बाजार में मिलने वाले सुपारी के पुष्प लेकर आएं। कैसी भी कब्ज के लिए सुपारी पुष्प को लेकर पीसकर, कपटछन कर लें। इसके बाद चौथाइ मात्रा में पीसे हुए सुपारी पुष्प काे लेकर उतनी ही मात्रा में कलाकंद के साथ आधा− आधा भाग करके उसको आधे भाग में पहले खा लें। आधा भाग बाद में खा लें। आंव, दस्त, पेचिस अपच आदि सही हो जाता है। इसके साथ ही अम्लीय वस्तुओं का सेवन रात में न करें। इसके अलावा मैथी दाना और तुलसी को कांच के गिलास में पानी में भिगो दें। रात भर रखें। सुबह खाली पेट छानकर पीने से पेट संबंधित सभी बीमारी ठीक हो जाती हैं।
डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
