Krishna Janam At Home (लड्डू गोपाल का जन्म कैसे कराएं): जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन पर्व जन्माष्टमी खूब श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है। इस दिन घर-घर में लड्डू गोपाल के जन्मोत्सव की तैयारी की जाती है। श्रीकृष्ण केवल भगवान नहीं, बल्कि हर घर के नन्हे बालक हैं, जिनका जन्म भक्ति, प्रेम और आनंद का प्रतीक है। यहां से आप घर पर ही कान्हा जी का जन्म कराने की पूरी विधि जान सकते हैं-
How To Perform Krishna janmashtami Pooja At Home-
1. करें साफ-सफाई
जन्म से पहले घर को अच्छे से साफ और शुद्ध करें। पूजा स्थान को विशेष रूप से साफ करें और गंगाजल का छिड़काव करें।
2. पूजा की चौकी तैयार करें
एक साफ चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। उस पर कृष्ण झूला रखें, जिसे फूलों और सजावट से सुंदर बनाएं।
3. झूले में लड्डू गोपाल
झूले में छोटे लड्डू गोपाल को रखें। साथ ही पास में मोरपंख, बांसुरी, मक्खन, मिश्री, तुलसी आदि भी रखें।
4. पूजा का सामान रखें
चौकी के पास ही धूप, दीप, फूल, रोली, चावल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर), तुलसी दल, माखन-मिश्री, खीरा, नारियल, घंटी, घंटा, आरती की थाली तैयार है। फिर दीप प्रज्वलित करें और श्रीकृष्ण का ध्यान करें।
5. भगवान का स्नान
भगवान को स्नान कराएं (पंचामृत से अभिषेक करें और फिर साफ जल से स्नान कराएं)। स्नान के बाद लड्डू गोपाल को वस्त्र पहनाएं, जैसे- धोती, मुकुट आदि)। फिर बांसुरी, मोरपंख, हार पहनाएं।
6. भोग और अर्पण
अब लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री और खीर का भोग लगाएं। फूलों से पूजा करें, तुलसी पत्र अर्पित करें। इसके बाद ॐ जय कन्हैया लाल की… गाकर आरती करें। घंटी और शंख बजाकर भगवान का स्वागत करें। श्रीकृष्ण को झूले में झुलाएं और सब मिलकर “कृष्ण कन्हैया लाल की जय!” बोलें।
7. ऐसे कराएं जन्म
जैसे ही 12 बजे भगवान की घंटी, शंख, ढोलक से आरती करें। फिर फूलों की वर्षा करें। इसके बाद खीरा काटें (गर्भनाल छेदन का प्रतीक) और फिर लड्डू गोपाल को झूले में झुलाएं।
8. प्रसाद और भजन
कृष्ण जन्म के बाद सबको माखन, मिश्री, पंचामृत, खीर या घर के विशेष पकवान का प्रसाद दें और नंद के आनंद भयो, यशोमती मैया से बोले नंदलाला आदि भजन गाएं। भजन गाने के बाद छोटे बच्चों को राधा-कृष्ण के रूप में सजाकर झांकी सजां सकते हैं।
