Holika Dahan Timing 2026 in Rajasthan: होलिका दहन हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। यह आम तौर पर फाल्गुन पूर्णिमा की शाम को किया जाता है, यानी होली से एक रात पहले। इस बार 2026 में यह पर्व चंद्र ग्रहण और विभिन्न ज्योतिषीय नियमों के कारण थोड़ा कन्फ्यूजन वाला रहा, लेकिन पंचांग और धार्मिक गणनाओं के अनुसार सबसे अच्छा समय निर्धारित किया गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार होलिका दहन को भद्रा रहित समय और प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। 2026 में 2 या 3 मार्च को भद्रा व प्रदोष के संयोजन की वजह से ज्योतिषियों ने 2 मार्च की शाम को दहन के लिए श्रेष्ठ बताया है।
राजस्थान में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त
शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक, यह समय होलिका दहन के लिए सबसे उचित और शुभ माना जा रहा है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों के लिए होलिका दहन का समय (Rajasthan mein holika dahan kab hai)
Rajasthan Mein Holi Mein Aag Kab Lagegi
| शहर | होलिका दहन का शुभ समय |
| जयपुर (Jaipur) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| जोधपुर (Jodhpur) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| उदयपुर (Udaipur) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| कोटा (Kota) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| अजमेर (Ajmer) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| बीकानेर (Bikaner) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| जैसलमेर (Jaisalmer) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| सालासर (Salasar) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| सीकर (Sikar) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
| अलवर (Alwar) में होली में आग कब लगेगी | 6:22 PM – 8:50 PM |
होली दहन के लिए खास टिप
कोशिश करें कि होलिका दहन मुहूर्त (6:22 PM – 8:50 PM) के भीतर ही किया जाए, ताकि धार्मिक फल और शुभ परिणाम मिलें। यदि आपने 2 मार्च की शाम को भी दहन करना चाहा तो कुछ पंडितों के अनुसार वह भी किया जा सकता है, लेकिन भद्रा का प्रभाव होने के कारण 3 मार्च का समय अधिक श्रेष्ठ माना जाता है।
नोट: इस साल 2026 में होलिका दहन का शुभ समय शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रखा गया है, जो राजस्थान के सभी बड़े शहरों - जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, जैसलमेर, सालासर, सीकर और अलवर - में लगभग एक जैसा है। इसे प्रदोष काल में और भद्रा-रहित समय में करना सबसे शुभ माना जाता है।
शुभ होलिका दहन और रंगों भरी होली की शुभकामनाएं!
