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Punjab Holika Dahan Timing 2026: होशियारपुर, पठानकोट, मोगा, फाजिल्का, कपूरथला, बरनाला में होली में आग कब लगेगी, होलिका दहन का सही समय देखें यहाँ

Punjab Holika Dahan 2026 Timing (होली में आग कब लगेगी): पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, चंडीगढ़, जालंधर, बठिंडा, मोहाली और फिरोजपुर में कब जलेगी होली। पंजाब के प्रमुख शहरों में होली जलने का शुभ मुहूर्त और सही समय क्या है। जानें 2 मार्च 2026 होली दहन का सटीक शुभ मुहूर्त, प्रदोष काल का समय और शहरवार होलिका दहन टाइमिंग।

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पंजाब में होलिका दहन कब होगा देखें शुभ मुहूर्त

Holika Dahan Timing 2026 Punjab: फाल्गुन पूर्णिमा की शाम को मनाया जाने वाला होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। होली से एक दिन पहले जलने वाली यह पवित्र अग्नि भक्त प्रह्लाद और होलिका की कथा से जुड़ी है। साल 2026 में होलिका दहन की तारीख को लेकर लोगों में थोड़ा संशय रहा, लेकिन पंचांग के अनुसार 2 मार्च 2026 (मंगलवार) की शाम को दहन करना सबसे शुभ माना गया है।

धार्मिक मान्यता है कि होलिका दहन भद्रा रहित समय और प्रदोष काल में ही करना चाहिए। इसी आधार पर इस बार शाम 6:24 बजे से रात 8:52 बजे तक का समय पंजाब में शुभ माना जा रहा है। नीचे अमृतसर से चंडीगढ़ तक सभी प्रमुख शहरों के लिए अलग-अलग समय दिया गया है।

पंजाब में होलिका दहन 2026 का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन का सही समय लगभग 6:24 PM से 8:52 PM तक है। यही समय अग्नि प्रज्वलन, पूजा और परिक्रमा के लिए सबसे अच्छा माना गया है।

पंजाब के प्रमुख शहरों में होलिका दहन का समय (Punjab Mein Holika Dahan Kab Hoga)

Punjab Mein Holi Mein Aag Kab Lagegi

शहरहोलिका दहन का शुभ समय
अमृतसर (Amritsar) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
लुधियाना (Ludhiana) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
पटियाला (Patiala) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
चंडीगढ़ (Chandigarh) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
जालंधर (Jalandhar) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
बठिंडा (Bathinda) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
मोहाली (Mohali) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
फिरोजपुर (Firozpur) में होली में आग कब लगेगी6:24 PM – 8:52 PM
नोट: समय में 1-2 मिनट का फर्क सूर्यास्त के स्थानीय समय की वजह से होता है, लेकिन शुभ मुहूर्त लगभग एक जैसा ही रहता है।

क्यों जरूरी है प्रदोष काल में दहन?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन पूर्णिमा की शाम और भद्रा समाप्त होने के बाद करना चाहिए। प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के बाद का समय पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है। इस दौरान की गई परिक्रमा और हवन घर में सुख-समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करने वाली मानी जाती है।

पूजा के समय ध्यान रखने वाली बातें

  • होलिका दहन से पहले कच्चा सूत, रोली, चावल और नारियल से पूजा करें।
  • परिवार के साथ अग्नि की 3 या 7 परिक्रमा करें।
  • दहन के बाद अग्नि की राख को माथे पर लगाना शुभ माना जाता है।
  • कोशिश करें कि दहन शुभ समय के भीतर ही करें।

पंजाब के अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, चंडीगढ़, जालंधर, बठिंडा, मोहाली और फिरोजपुर में इस साल 3 मार्च 2026 की शाम 6:23 बजे से करीब 8:53 बजे तक का समय होलिका दहन के लिए सबसे शुभ है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा-पाठ और दहन करने से सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

आप सभी को होलिका दहन और होली की हार्दिक शुभकामनाएं!

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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