Holashtak Ke Upay (होलाष्टक के उपाय): होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है और समाप्ति पूर्णिमा तिथि पर। इस साल होलाष्टक 17 मार्च से प्रारंभ हो रहे हैं और इसकी समाप्ति 24 मार्च को यानी होलिका दहन (Holika Dahan) वाले दिन होगी। तो वहीं 25 मार्च को रंग वाली होली (Rangwali Holi) खेली जाएगी। हिंदू धार्मिक मान्यताओं अनुसार होलाष्टक के समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है जिस वजह से इस दौरान शुभ कार्य नहीं किये जाते। लेकिन इस समय कुछ उपायों को करना बेहद शुभ माना जाता है।
होलाष्टक के दौरान अवश्य अपनाएं ये उपाय
करियर में सफलता के लिए
अगर आपको करियर में सफलता चाहिए तो होलाष्टक के समय जौ, तिल और शक्कर से हवन करें। इससे आपको नौकरी और बिजनेस में सफलता मिलने लगेगी।
धन प्राप्ति के लिए
अगर आपको धन प्राप्ति की चाह है तो होलाष्टक के समय कनेर के फूल की गांठ, पीली सरसों और अक्षत से अपने घर में हवन करें। इससे आपको जरूर लाभ मिलेगा।
संतान प्राप्ति के लिए
अगर आप संतान प्राप्ति की चाह रखते हैं तो होलाष्टक के दौरान लड्डू गोपाल की विधि विधान से पूजा करें। कहते हैं इस उपाय को करने से आपको जल्द ही संतान प्राप्ति होने की संभावना बढ़ जाएगी।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए
अच्छे स्वास्थ्य के लिए होलाष्टक की अवधि में महामृत्युंजय मंत्र का जरूर जाप करें। कहते हैं इससे आपके घर में मौजूद सभी लोगों का स्वास्थ्य शानदार रहेगा।
सुख के लिए
अगर आप अपने जीवन में कलह क्लेश और दुख से छुटकारा पाना चाहते हैं तो होलाष्टक के समय हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करें। इससे आपके सभी दुख दूर हो जाएंगे और जीवन में खुशियां बनी रहेगी।
