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'मां ने 16 की उम्र में मुझे जन्म दिया, पिता सड़कों पर खाना ढूंढते थे'... चैंपियन यमाल ने बताया फीफा वर्ल्ड कप से बड़ा दबाव क्या होता है

Lamine Yamal Describes What was bigger pressure than FIFA World Cup: फुटबॉल विश्व चैंपियन टीम स्पेन के स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल ने बताया है कि फीफा विश्व कप का दबाव उनके सामने कुछ नहीं था, क्योंकि उन्होंने बचपन में जो दबाव व संघर्ष देखा और महसूस किया था, वो कहीं ज्यादा था।

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लामिन यमाल ने अपने बचपन का संघर्ष बयां किया (AP/Instagram/LamineYamal)

स्पेन फुटबॉल टीम के 19 वर्षीय स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल ने स्पेन की उम्मीदों का बोझ उठाने के दबाव से निपटने के बारे में बात की। स्पेन ने फ़ाइनल में अर्जेंटीना को हराकर फीफा वर्ल्ड कप जीता। यमाल ने अच्छा खेल दिखाया और मैच में गोल पर सबसे ज़्यादा शॉट लगाए, लेकिन अर्जेंटीना के गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज़ ने उन्हें गोल करने से रोके रखा। यमाल स्पेन की उस टीम का अहम हिस्सा रहे हैं जो लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। अर्जेंटीना पर मिली जीत के साथ ही उनकी लगातार जीत का सिलसिला 38 मैचों तक पहुंच गया, जो किसी भी यूरोपीय या दक्षिण अमेरिकी टीम के लिए अब तक का सबसे लंबा सिलसिला है। इस जीत के बाद उन्होंने बयां किया कि असली संघर्ष व दबाव फीफा विश्व कप नहीं, बल्कि उनका बचपन था।

उम्मीदों के साथ दबाव भी आता है। हालांकि, यमाल का इसे संभालने का नज़रिया अनोखा है। 19 साल के यमाल का मानना है कि फ़ुटबॉल पिच पर उन्हें जो दबाव झेलना पड़ता है, वह उनके माता-पिता द्वारा उन्हें बड़ा करने के दौरान झेली गई मुश्किलों के सामने कुछ भी नहीं है।

गोल की रिपोर्ट के मुताबिक, यमाल ने कहा, "मेरी मां जब 16 साल की थीं, तब मैं पैदा हुआ था। यह सच में बहुत बड़ा दबाव था। मेरे पिता को घर में खाना लाने के लिए सड़कों पर जाकर चीजें उठानी पड़ती थीं। यह दबाव है। मुझे तो बस फ़ुटबॉल खेलना है।"

जिन 28 मैचों में यमाल खेले हैं, उनमें टीम कभी नहीं हारी है और जिन 13 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने शुरुआत की है, उन सभी में टीम जीती है; यह किसी यूरोपीय खिलाड़ी के लिए बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में लगातार जीत का सबसे लंबा सिलसिला है। सिर्फ़ 19 साल की उम्र में, यह उस करियर की शुरुआत है जिसे कई लोग शानदार करियर बनने की उम्मीद कर रहे हैं।

अर्जेंटीना को कोच ने कहा, यमाल और मेसी एक जैसे

यमाल ने अपने देश में लाखों फैंस का भरोसा जीता है, और अर्जेंटीना के कोच स्कालोनी का मानना है कि उनमें और लियोनेल मेसी में काफी समानताएं हैं। अर्जेंटीना के हेड कोच ने विश्व कप फाइनल से पहले कहा था कि, "यमाल को कैसे रोकें? काश हम लामिन को उनके कमरे में बंद कर पाते! लामिन यमाल सच में एक असाधारण खिलाड़ी हैं। यह बच्चा फ़ुटबॉल के लिए एक खजाना है, और वह अभी बहुत कम उम्र के हैं, उनमें अभी बहुत कुछ करने की क्षमता है। वह एक ऐसा टैलेंट हैं जो भविष्य में स्पेन को बहुत खुशियां देंगे... लेकिन हमें उम्मीद है कि ऐसा रविवार को नहीं होगा। वह लियो (लियोनेल मेसी) की तरह ही उन खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें रोकना या मार्क करना बहुत मुश्किल है।"

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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