Ahoi Ashtami (1 Nov 2026) Star Time Today in Himachal Pradesh (अहोई अष्टमी पर तारे कितने बजे निकलेंगे): आज 1 नवंबर 2026, रविवार को अहोई अष्टमी का व्रत रखा जा रहा है। यह दिन माताओं के लिए बेहद खास होता है। इस मौके पर वे अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और तरक्की की कामना करते हुए दिनभर व्रत रखती हैं। शाम के समय अहोई माता की पूजा-अर्चना की जाती है और व्रत कथा सुनी जाती है। इसके बाद आसमान में तारे नजर आने पर उन्हें जल अर्पित करके व्रत का पारण किया जाता है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में रहने वाली महिलाओं के मन में भी यह सवाल है कि आज उनके शहर में तारे किस समय दिखाई देंगे और चंद्रमा कब निकलेगा? दरअसल, पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसी वजह से तारा दर्शन का समय भी हर जगह एक जैसा नहीं रहता। अगर आप शिमला, सोलन, धर्मशाला, मंडी, कुल्लू या हिमाचल प्रदेश के किसी दूसरे शहर में रहती हैं, तो व्रत खोलने से पहले अपने यहां तारों के दर्शन का समय जरूर जान लें।
अहोई अष्टमी 2026 पर हिमाचल प्रदेश में तारा दर्शन और चंद्रोदय का समय
1. शिमला: तारे शाम 5:58 बजे, चंद्रोदय रात 11:36 बजे।
2. सोलन: तारे शाम करीब 5:58 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
3. धर्मशाला: तारे शाम करीब 6:00 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
4. मंडी: तारे शाम करीब 5:59 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
5. कुल्लू: तारे शाम करीब 6:00 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
6. बिलासपुर: तारे शाम करीब 5:59 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
7. हमीरपुर: तारे शाम करीब 5:59 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
8. ऊना: तारे शाम करीब 6:00 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
9. चंबा: तारे शाम करीब 5:59 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
10. नाहन: तारे शाम करीब 5:58 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
11. केलांग: तारे शाम करीब 5:55 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
12. कल्पा: तारे शाम करीब 5:55 बजे, चंद्रोदय का समय स्थानीय पंचांग से जांचें।
ये समय शहरों में शाम ढलने और आसमान में तारे नजर आने के अनुमान के आधार पर दिए गए हैं। हालांकि, अगर मौसम खराब है या आसमान में बादल छाए हैं, तो तारे दिखाई देने में थोड़ी देर हो सकती है। ऐसे में कुछ समय इंतजार करने के बाद ही अर्घ्य दें।
अहोई अष्टमी पर तारों को अर्घ्य देने की विधि
अहोई अष्टमी पर शाम को अहोई माता की पूजा और व्रत कथा सुनने के बाद तारों के निकलने का इंतजार किया जाता है। जैसे ही आसमान में तारे नजर आएं, एक लोटे में साफ पानी भर लें। चाहें तो अपनी घर की परंपरा के मुताबिक उसमें थोड़े अक्षत और फूल भी डाल सकते हैं। इसके बाद घर की छत, आंगन या किसी खुली जगह पर जाकर तारों की तरफ मुंह करके जल चढ़ाएं। इस दौरान मन ही मन अहोई माता को याद करें और अपने बच्चों की अच्छी सेहत, लंबी उम्र और तरक्की की प्रार्थना करें। कई घरों में बच्चे के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलने की परंपरा भी निभाई जाती है। पूजा और अर्घ्य देने के बाद अहोई माता का प्रसाद ग्रहण करें और फिर परिवार के साथ भोजन करके व्रत का पारण करें।
