Happy Hindu New Year 2023: 22 मार्च से हिंदू नव वर्ष यानी नव सम्वत (Nav Samvatsar 2023) प्रारंभ होगा। इस सम्वत का नाम पिंगल होगा। इस सम्वत के राजा बुध व मंत्री शुक्र होंगे। यह सम्वत देश के लिए बहुत ही शुभ है। प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। भूकम्प के खतरे संभावित हैं। देश आर्थिक तौर पर बहुत मजबूत होगा। आर्थिक प्रगति में हमारा राष्ट्र विश्व स्तर पर बहुत आगे जाएगा। सैन्य बल मजबूत होंगे। भारत एक विश्व लेवल पर बहुत ही शक्तिशाली राष्ट्र व व्यवसाय जगत में बहुत बड़े सफलता की तरफ बढ़ेगा। इस संवत में मेष व कुम्भ राशि के जातक प्रबंधकीय सेवा में उच्च पदों की प्राप्ति करेंगे तथा उच्च प्रशासनिक सेवाओं में लाभ सम्भावित हैं। कर्क के लोग राजनीति में उच्च पदों को प्राप्त करेंगेर। सम्वत का स्वामी बुध है। वृष,तुला,मकर लाभ में हैं। कन्या व मिथुन का स्वामी बुध इसके सपोर्ट में है।
स्वास्थ्य- मई में कर्क व कन्या राशि को हेल्थ में थोड़ी प्राब्लम रहेगी। 15 मई के बाद स्वास्थ्य सुख बेहतर हो जाएगा। मेष व मकर को स्किन प्राब्लम तथा बोन प्राब्लम की संभावना रहेगी। वृश्चिक के जिनको गले में दिक्कत रहती है तथा जिनको स्किन की समस्या है वो लोग जून तक सावधानी बरतेंगे।
नौकरी- इस वर्ष मकर व मीन के लोग नौकरी में उन्नति करेंगे। इस वर्ष कर्क, मकर व मेष को नौकरी के ही सिलसिले में विदेश जाने का सुअवसर प्राप्त होगा।जून से नवम्बर के मध्य सिंह व तुला के जातकों को पदोन्नति या नौकरी चेंज के अवसर मिलेंगे।
लव लाइफ और दाम्पत्य जीवन- इस वर्ष 15 मई के बाद कर्क, तुला व मिथुन के युवाओं को प्रेम में सफलता मिलेगी। तुला व मकर के विवाह के मार्ग प्रशस्त होंगे। वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा। मई तक का समय धनु के लिए विवाद का हो सकता है। जीवन साथी के स्वास्थ्य के प्रति भी सितम्बर से 16 नवम्बर तक मेष व कर्क वालों को सावधान रहना होगा।
आर्थिक स्थिति- 15 मई तक कन्या व तुला को थोड़ी आर्थिक परेशानी रहेगी। मेष व वृष को15 अप्रैल के बाद धन प्राप्ति के सुखद संयोग बनेंगे। कुम्भ वाले जातक सितम्बर के बाद जमीन या मकान क्रय करेंगे। आप वाहन भी खरीद सकते हैं। इस वर्ष स्वर्ण तथा हीरे के आभूषण भी लेंगे। धन का व्यय बेहतर कार्यों में होता रहेगा। कर्क व मिथुन के लिए इस वर्ष धन तो आएगा लेकिन व्यय भी ज्यादा होगा। धन का व्यय अच्छे कार्यों में होगा।
शुभ समय- मेष, कर्क व कन्या के लिए यह संवत बहुत अच्छा रहेगा। अगस्त के बाद तुला व मकर का समय बेहतर है। अक्टूबर से दिसम्बर तक का समय मीन के लिए बहुत श्रेयष्कर है।
उपाय- प्रतिदिन श्री विष्णुसहस्त्रनाम व श्री सूक्त का पाठ कीजिये। प्रत्येक शनिवार को हनुमान जी को प्रसाद अर्पित कीजिये। प्रत्येक बुधवार व शनिवार गाय को पालक या हरा चारा खिलाएं। मूंग व तिल का दान कीजिए। गरीबों में वस्त्र का वितरण कीजिये। बुध व शुक्र के बीज मंत्र के साथ साथ शनि के बीज मंत्र का जप कीजिये। जो लोग बीमार रहते हैं या किसी रोग से पीड़ित हैं वो कुशोदक से शुभ मुहूर्त में रुद्राभिषेक कराएं। पीपल को जल देते रहें।
