Iran Threatens US: मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहा सैन्य संकट अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान पर सख्त हमला करने की चेतावनी के बाद, अब ईरान ने भी बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान ने इस सप्ताहांत सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगर अमेरिकी सेना ने उसके ठिकानों पर कोई भी नया हमला या साहसिक कार्रवाई की, तो वह इसका निर्णायक और विनाशकारी जवाब देगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि अगर क्षेत्र के किसी भी देश ने अमेरिका या इजरायल को उसके खिलाफ सैन्य सहयोग दिया, तो वह उन देशों के ऊर्जा और तेल क्षेत्रों को निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा।
प्रमुख राजनयिक फोन कॉल्स और ईरान की रणनीति
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को क्षेत्र के प्रमुख देशों—तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग फोन पर बात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान के सख्त रुख से उन्हें अवगत कराया।
पाकिस्तान और तुर्की को चेतावनी: विदेश मंत्री अराक्ची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देगा। उन्होंने अमेरिका द्वारा क्षेत्र को अस्थिर करने वाले कदमों और इसके गंभीर परिणामों पर भी चर्चा की।
सऊदी अरब को सख्त संदेश: अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से बातचीत में दोटूक कहा कि अमेरिका और इजरायल के किसी भी हमले, या इस सैन्य कार्रवाई में क्षेत्र के किसी भी देश की भागीदारी का आनुपातिक और करारा जवाब दिया जाएगा। इसका सीधा मतलब है कि ईरान उन अरब देशों को निशाना बना सकता है जो अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने देंगे।
कुवैत पर ड्रोन हमला और सऊदी अरब की चिंता
यह राजनयिक हलचल और धमकी ऐसे समय में आई है जब शनिवार को ही कुवैती सेना ने दावा किया कि उसने ईरान की ओर से दागे गए कई दुश्मन ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। ये ड्रोन कुवैत के कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए भेजे गए थे। इस घटना ने खाड़ी देशों में डर का माहौल पैदा कर दिया है।
इस बीच, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने शनिवार को सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से फोन पर बात की। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, क्राउन प्रिंस ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की आगामी सैन्य योजनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और इस पर वाशिंगटन से पूरी स्पष्टता मांगी है।
वैश्विक संकट की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान ने अपनी धमकी के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई या कुवैत के तेल और ऊर्जा क्षेत्रों पर जवाबी हमला किया, तो इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। कच्चे तेल की सप्लाई ठप होने से दुनिया भर में ईंधन की कीमतें आसमान छू सकती हैं। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से मिल रही युद्ध की धमकियों ने पूरे मध्य पूर्व को बारूद के ढेर पर ला खड़ा किया है।
