अध्यात्म

Hanuman Setu Mandir: यहां हनुमान जी को भक्त लिखते हैं चिट्ठी, ऐसे होती है मनोकामना की पूर्ति

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Apr 18, 2023, 01:11 PM IST

Hanuman Setu Mandir Significane: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा हनुमान मंदिर है जहां आप दर्शन करने न जा पाएं तो पत्र भेजकर अपनी मनेकामनाएं पूरी कर सकते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग स्थित हनुमान सेतु मंदिर को लेकर लोगों में काफी मान्यता है। यहां प्रतिष्ठित राम भक्त हनुमान की प्रतिमा बाबा नीम करौली ने स्थापित करवाई थी। बड़े मंगल (Bada Mangal) के दिन यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं।

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Hanuman Setu Mandir: यहां हनुमान जी को भक्त लिखते हैं चिट्ठी, ऐसे होती है मनोकामना की पूर्ति

Hanuman Setu Mandir Significane: आज मंगलवार है और यह दिन रामभक्त हनुमान जी को समर्पित है। हनुमान जी उन सप्त चिरंजीवियों में से हैं जो कलियुग में भी विद्यमान हैं। हनुमान जी दयालु हैं और अपने भक्तों की बात सुनते हैं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसा हनुमान मंदिर है जहां आप दर्शन करने न जा पाएं तो पत्र भेजकर अपनी मनेकामनाएं पूरी कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि हनुमान सेतु मंदिर से कोई खाली नहीं लौटता है।

बड़े मंगल (Bada Mangal) के दिन यहां भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय मार्ग स्थित हनुमान सेतु मंदिर को लेकर लोगों में काफी मान्यता है। यहां प्रतिष्ठित राम भक्त हनुमान की प्रतिमा बाबा नीम करौली ने स्थापित करवाई थी। कलियुग के एक मात्र जागृत देव हनुमान जी के इस मंदिर की स्थापना करने वाला बाबा नीम करौली की कृपा से पिछले 45 साल से मंदिर में दर्शन करने से श्रद्धालुओं की सभी मनाेकामनाएं पूरी होती हैं। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1967 में हनुमान सेतु मंदिर की स्थापना की गई थी।

मंदिर निर्माण की कहानी

गोमती नदी के तट वर स्वामी मौनानंद का आश्रम हुआ करता था। यहां तट पर बने हनुमान मंदिर में बाबा नीम करौली रहा करते थे।1960 में गोमती नदी में आई बाढ़ से आश्रम को काफी क्षति पहुंची और गोमती पर बना पुल ढह गया। जब नया पुल बनने लगा तो तमाम जतन के बाद भी पुल का पिलर नदी में नहीं रुक रहा था। पुल बनता और बार-बार गिर जाता था तो बाबा ने अधिकारियों से मंदिर निर्माण कराने को कहा। बाबा ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ बाढ़ के सैलाब को शांत किया था और पुल का काम शुरू कराया। बाबा की इच्छा अनुसार, कोलकाता के एक बिल्डर ने पुल के साथ मंदिर का निर्माण कराया।

आज भी मौजूद है बाबा का कक्ष

यहां आज भी तट पर पुराने मंदिर में बाबा का कक्ष मौजूद है। बाबा ने 26 जनवरी 1967 को नए हनुमान सेतु मंदिर में हनुमान की आकर्षक प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इस मंदिर में सुबह छह और रात आठ बजे आरती होती है। यहां ज्येष्ठ मास के मंगलों पर भंडारा और अखंड पाठ होता है। यहां लाखों की संख्या में भक्त आते हैं।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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