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Goga Navami 2026 Date: गोगा नवमी कब है 2026 में, जानें किस दिन रखा जाएगा गोगा नवमी का व्रत

Goga Navami 2026 Date: गोगा नवमी का व्रत कब रखा जाएगा 2026 में। जानें नवमी तिथि का समय, पूजा विधि, भोग और गोगाजी महाराज का महत्व।

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जहार वीर गोगा जी की नवमी कब है, 2026 में किस डेट को पड़ेगा ये व्रत

Goga Navami 2026 Date: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के बाद गोगा नवमी का पर्व मनाया जाता है। यह दिन लोकदेवता वीर गोगाजी महाराज को समर्पित है। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में गोगा नवमी पर खास उत्साह दिखाई देता है। भक्त व्रत रखते हैं। घर में गोगाजी की पूजा करते हैं और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करते हैं।

इस बार जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जा रही है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि गोगा नवमी 2026 में कब है और इसका व्रत किस दिन रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, गोगा नवमी का व्रत शनिवार, 5 सितंबर 2026 को रखा जाएगा।

गोगा नवमी 2026 कब है

साल 2026 में गोगा नवमी 5 सितंबर, शनिवार को मनाई जाएगी। यह पर्व भाद्रपद महीने के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर आता है। उदया तिथि के साथ ही नवमी 5 सितंबर को पूरे दिन रहेगी। इसलिए पूजा, व्रत और गोगाजी महाराज को भोग लगाने जैसे धार्मिक काम इसी दिन किए जाएंगे।

नई दिल्ली के समय के अनुसार नवमी तिथि 5 सितंबर की मध्यरात्रि के बाद शुरू होकर उसी दिन रात तक रहेगी। अलग-अलग शहरों में इसके समय में कुछ मिनट का अंतर हो सकता है। द्रिक पंचांग भी गोगा नवमी की तारीख 5 सितंबर 2026 बता रहा है।

गोगा नवमी 2026 से जुड़ी जानकारीतारीख और समय
गोगा नवमी व्रतशनिवार, 5 सितंबर 2026
नवमी तिथि प्रारंभ5 सितंबर 2026, रात 12:13 बजे
नवमी तिथि समाप्त5 सितंबर 2026, रात 9:53 बजे
पूजा का दिन5 सितंबर 2026
समर्पित देवतावीर गोगाजी महाराज

गोगा नवमी क्यों मनाई जाती है

गोगा नवमी वीर गोगाजी महाराज की स्मृति और आराधना का पर्व है। उन्हें राजस्थान के प्रमुख लोकदेवताओं में गिना जाता है। अलग-अलग स्थानों पर उन्हें गोगाजी, गुग्गा वीर, जाहिर वीर, जाहर पीर और राजा मंडलिक जैसे नामों से पुकारा जाता है।

लोकमान्यता है कि गोगाजी अपने साहस, न्याय और जनकल्याण के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें सांपों का देवता भी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में लोग सर्पदंश और दूसरे संकटों से रक्षा की कामना करते हुए उनकी पूजा करते हैं। हालांकि, यह लोक आस्था है और सांप के काटने पर पूजा के साथ तत्काल अस्पताल जाकर चिकित्सकीय उपचार कराना सबसे जरूरी है।

गोगाजी की लोकप्रियता किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। राजस्थान में स्थित गोगामेड़ी धाम पर अलग-अलग समुदायों के श्रद्धालु पहुंचते हैं। यही साझा आस्था इस पर्व को खास बनाती है।

गोगा नवमी पर कैसे करें पूजा

गोगा नवमी के दिन श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं। इसके बाद घर के पूजा स्थान को साफ करके गोगाजी महाराज का चित्र या प्रतीक स्थापित किया जाता है। जिन क्षेत्रों में गोगाजी की थान बनी होती है, वहां जाकर भी पूजा की जाती है।

पूजा के दौरान रोली, अक्षत, फूल, धूप और दीप अर्पित करें। गोगाजी को खीर और चूरमे का भोग लगाने की परंपरा है। कुछ स्थानों पर रोट, मीठी रोटी और चने भी चढ़ाए जाते हैं। इसके बाद गोगाजी की कथा सुनी या पढ़ी जाती है।

पूजा में ये सामग्री रखी जा सकती है:

  • गोगाजी महाराज का चित्र
  • रोली और अक्षत
  • पीले या लाल फूल
  • दीपक और धूप
  • खीर और चूरमा
  • मीठी रोटी या रोट
  • जल से भरा कलश
  • प्रसाद के लिए गुड़ और चना

परिवार की परंपरा अलग हो तो उसी के अनुसार पूजा करना बेहतर रहता है। पूजा में दिखावे से अधिक श्रद्धा और साफ मन का महत्व माना जाता है।

गोगा नवमी का व्रत कैसे रखा जाता है

गोगा नवमी का व्रत रखने वाले भक्त सुबह पूजा का संकल्प लेते हैं। कई लोग दिनभर फलाहार करते हैं, जबकि कुछ परिवारों में एक समय सात्विक भोजन किया जाता है। व्रत के नियम स्थान और पारिवारिक परंपरा के अनुसार बदल सकते हैं।

इस दिन तामसिक भोजन और नशे से दूर रहना चाहिए। मन में किसी के लिए बुरा भाव न रखें। जरूरतमंद को अन्न, वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार दान भी किया जा सकता है। शाम को दीपक जलाकर गोगाजी महाराज से परिवार की रक्षा और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।

गोगा नवमी पर गोगामेड़ी मेले का महत्व

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित गोगामेड़ी को गोगाजी महाराज का प्रमुख धाम माना जाता है। यहां हर साल विशाल मेला लगता है। दूर-दूर से श्रद्धालु धाम पर निशान लेकर पहुंचते हैं और गोगाजी की समाधि पर माथा टेकते हैं।

गोगामेड़ी केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लोक संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान भी है। यहां गूंजते लोकगीत, पारंपरिक निशान और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें गोगाजी के प्रति लोगों की गहरी आस्था दिखाती हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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